बिहार में रोहतास जिले के रामूडीह स्थित उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय में गोमांस परोसने के आरोप में प्रधानाध्यापक समेत 5 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। यहां पिछले दिनों 7 किलो से ज्यादा किसी बड़े जानवर का मांस प्राप्त हुआ था। यह मांस काले रंग की चार थैलियों में था। ग्रामीणों के अनुसार यह गोमांस था, जो मध्याह्न भोजन में बच्चों को खिलाए जाने के लिए लाया गया था। इस विद्यालय में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में विद्यालय परिसर में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस मामले में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए 5 शिक्षकों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
ऐसे सामने आया मामला
ग्रामीण रमेश ने बताया कि वे सुबह अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आए थे। इसी दौरान कुछ बच्चे अपने नाक-मुंह पर हाथ रखकर बाहर निकलने लगे। उन्हें बाहर निकलता देख उन्होंने पूछा कि क्या हुआ है? बच्चों ने इशारा करते हुए जवाब दिया- उस कमरे से दुर्गंध आ रही है। इस पर जब वे कुछ बच्चों के अभिभावक के साथ कमरे के पास गए तो देखा वहां कोने में काले रंग की चार प्लास्टिक थैलियां रखी हैं। थैलियों के अंदर मांस था।
इसके बाद स्कूल में हंगामा शुरू हो गया। मामले की खबर गांव में फैलते ही लोग स्कूल की ओर दौड़ पड़े। थोड़ी ही देर में स्कूल परिसर में सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए।
लोगों ने आरोप लगाया कि यह बच्चों के मिड-डे मील या अन्य तरीके से इस्तेमाल करने की साजिश हो सकती है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि अब तक किसी अधिकारी ने नहीं की है।
घटना से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के प्रधानाध्यापक अख्तर अली समेत 5 शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसमें 3 पुरुष एवं 2 महिला हैं। लोगों का कहना था कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

5 मुस्लिम शिक्षक निलंबित
विद्यालय में कुल 200 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसमें 125 हिंदू और 75 मुस्लिम बच्चे शामिल हैं। वहीं स्कूल में कुल 7 शिक्षक हैं। इसमें प्रधानाध्यापक समेत कुल 5 मुस्लिम शिक्षक – मोहम्मद ईमान, अनवर खान, सूफिया खातून और हिना कौसर शामिल हैं। जबकि 2 शिक्षक हिंदू समुदाय से हैं।
प्रखंड संसाधन केंद्र से जारी पत्र के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए दोनों हिंदू शिक्षकों को डेपुटेशन पर दूसरे स्कूल में भेज दिया है। वहीं, दूसरी ओर 5 मुस्लिम शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही विक्रमगंज के एसडीएम प्रभात कुमार मौके पर पहुंचे। उनके साथ स्थानीय पुलिस बल भी स्कूल परिसर में पहुंचे। बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। प्रशासन ने लोगों से कानून हाथ में न लेने और शांति बनाए रखने की अपील की।
रोहतास के पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार के अनुसार मामले को गंभीरता से लिया गया है। मौके से बरामद संदिग्ध मांस के नमूने जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद मांस किस जानवर का है। बिना रिपोर्ट के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।
शिक्षा विभाग भी जांच में जुटा
मामले को लेकर शिक्षा विभाग ने भी अलग से जांच शुरू कर दी है। जिला शिक्षा प्रशासन ये पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि विद्यालय के एक कमरे में संदिग्ध मांस कैसे पहुंचा, किसने रखा और इसका उद्देश्य क्या था? अगर जांच में स्कूल कर्मियों या किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

















