गृह मंत्री अमित शाह जी ने आज बिहार की धरती से महागठबंधन और कांग्रेस के पाखंड पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार और देश विकास के पथ पर अग्रसर हैं। जनता अब परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति करने वाले लालू यादव और सोनिया गांधी के बेटों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
मोदी-नीतीश के नेतृत्व में स्थिरता और विकास का युग
अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं और बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी हैं — दोनों की सीट खाली नहीं है। जनता ठान चुकी है कि अब देश में “लालू-राहुल कंपनी” जैसी परिवारवादी राजनीति का कोई स्थान नहीं रहेगा।
दरभंगा में बनेगा 500 करोड़ की लागत से मैथिला सांस्कृतिक म्यूज़ियम
उन्होंने घोषणा की कि दरभंगा में 500 करोड़ रुपये की लागत से मैथिला का भव्य सांस्कृतिक म्यूज़ियम बनाया जाएगा, जहां बिहार की प्राचीन पांडुलिपियाँ और सांस्कृतिक धरोहरें सुरक्षित रहेंगी। मोदी जी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने कवि कोकिल कपिलेश्वर ठाकुर जी को भारत रत्न और सुप्रसिद्ध लोकगायिका पद्म विभूषण शारदा सिन्हा जी को सम्मानित कर मैथिली संस्कृति का गौरव बढ़ाया है।
कांग्रेस-लालू गठबंधन देशविरोधी तत्वों का संरक्षक
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस-लालू गठबंधन PFI जैसे देशविरोधी तत्वों को जेल से निकालना चाहता है, लेकिन भाजपा ऐसा कभी नहीं होने देगी। लालू यादव कपिलेश्वर ठाकुर जी से जननायक की उपाधि छीनने का षड्यंत्र रच रहे हैं, पर जब तक एनडीए है — ऐसा संभव नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि लालू और राहुल बांग्लादेशी घुसपैठियों के संरक्षक बन चुके हैं और उनके वोट के सहारे देशविरोधी सरकार बनाना चाहते हैं।
मोदी सरकार के नेतृत्व में बिहार नक्सलमुक्त
अमित शाह ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में बिहार नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और 2026 तक पूरा देश नक्सलमुक्त हो जाएगा। उन्होंने कांग्रेस को याद दिलाया कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बाबू जगजीवन राम जी के साथ सबसे बड़ा अन्याय उसी पार्टी ने किया था, जिसने आज उनके नाम पर राजनीति की दुकान खोल रखी है। मोदी सरकार ने अंबेडकर जी से जुड़े पाँच तीर्थ स्थलों पर स्मारक बनवाए, 14 अप्रैल को राष्ट्रीय समरसता दिवस और 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी।
छठ पर्व को “ड्रामा” बताने पर राहुल गांधी को अमित शाह की फटकार
अमित शाह ने ने राहुल गांधी द्वारा छठ पर्व को “ड्रामा” कहने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि छठ बिहार की आत्मा और संस्कृति है, इसे “ड्रामा” बताना पूरे बिहार का अपमान है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने छठ पर्व को न केवल ‘मन की बात’ में बार-बार उल्लेख किया, बल्कि इसे यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल कराने के प्रयास भी किए हैं।
राहुल गांधी और महागठबंधन पर सनातन विरोधी मानसिकता का आरोप
गृह मंत्री ने कहा — “राहुल गांधी और महागठबंधन के नेता सनातन संस्कृति का अपमान करना अपनी आदत बना चुके हैं। पहले श्रीराम जन्मभूमि के उद्घाटन को ‘नाच-गाना’ कहा, प्रयागराज के महाकुंभ को ‘गंदा पानी’, और अब छठ को ‘ड्रामा’। ये बिहार की आस्था का नहीं, बल्कि अपनी मानसिक दिवालियापन का प्रदर्शन कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी जी 24×7 कर्मयोगी — जनता के सच्चे नेता
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी जनता के नेता हैं, 24×7 काम करने वाले कर्मयोगी हैं। उन्हें “डांस करने वाला” कहना महागठबंधन की हताशा को दर्शाता है। पूरा बिहार जानता है कि किसने सच में जनता के लिए काम किया और किसने अपराधियों के बल पर सत्ता चलाई।
बिहार की जनता का फैसला — विकास और सुशासन के साथ एनडीए
अमित शाह ने कहा — “आज बिहार की जनता तय कर चुकी है कि वह उस एनडीए का साथ देगी जिसने विकास, सम्मान और सुरक्षा दी। महागठबंधन का सूर्य अस्त हो चुका है, और अब उगता हुआ सूरज केवल मोदी-नीतीश के नेतृत्व में एनडीए का है।”

















