मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से इस्लामिक कन्वर्जन “लव जिहाद” में सामने आई नाबालिग बालिकाओं के साथ कथित दरिंदगी, अपहरण, जबरन परिवर्तन और शारीरिक शोषण के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिपरई थाना क्षेत्र से जुड़े इस संवेदनशील प्रकरण में पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ‘जस्सी किन्नर’ को भोपाल के सीहोर बायपास से गिरफ्तार कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तेजी से कदम उठाए हैं। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में गठित ‘विशेष जांच दल’ ने सटीक सूचना के आधार पर आरोपी जस्सी को दबोचा है। इसकी गिरफ्तारी के लिए पहले ही 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था, जिससे पुलिस की सक्रियता और मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
ऐसे सामने आया मामला
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़िता बुर्का पहनकर ट्रेन में सफर कर ही थी, पहले यात्रियों को शक हुआ, फिर जब पीड़िता अपनी दो सहेलियों को लेकर घर पहुंची, तब परिजनों द्वारा उससे पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरी कहानी सामने आई। जिसके आधार पर (अशोकनगर) पिपरई थाने में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
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मामले की प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी ‘जस्सी किन्नर’ (पिता मंजीत सिंह) नाबालिग लड़कियों को अपने झांसे में लेता, उन्हें पैसों और अन्य सुख-सुविधाओं का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था। इन तीनों नाबालिग लड़कियों को भी पहले दोस्ती के जाल में फंसाया, मोबाइल नंबरों के जरिए लगातार बातचीत की गई और धीरे-धीरे भरोसा जीता गया। इसके बाद उन्हें बहला-फुसलाकर भोपाल लाकर उन्हें अन्य आरोपियों अल्तमश खान, आहान खान और आहत शेख से मिलवाया था। सबसे पहले उसी ने नाबालिगों का ब्रेन वॉश किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि नाबालिग लड़कियों पर न सिर्फ इस्लामकि कन्वर्जन का दबाव बनाया गया, बल्कि उन्हें जबरन बुर्का पहनाकर उनकी पहचान छिपाई गई। यह कदम कथित तौर पर उन्हें एक अलग (इस्लामिक) सामाजिक और मजहबी ढांचे में ढालने के उद्देश्य से उठाया गया कदम था। पीड़िताओं के अनुसार, उन पर जबरन निकाह करने का भी दबाव बनाया गया। एक पीड़िता ने यहां तक बताया कि उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए। अन्य पीड़िताओं के साथ भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।
कानून की धाराओं में मामला दर्ज
प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट, मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक विधि विवादित नाबालिग आरोपी को भी अभिरक्षा में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया है। मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसकी जांच अब दोबारा हो रही है।
संगठित रैकेट की आशंका
एसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी का अब विशेष रूप से यह पता लगाने पर जोर है कि जस्सी किन्नर के तार किन-किन स्थानों और व्यक्तियों से जुड़े हैं। शुरुआती पूछताछ में संकेत मिले हैं कि आरोपी जस्सी किन्नर सिर्फ एक कड़ी है। ऐसे में एसआईटी की जांच अब इस दिशा में भी आगे बढ़ी है कि कहीं यह मामला बड़े संगठित गिरोह से तो नहीं जुड़ा है, जिसकी गतिविधियां प्रदेश, देश और देश के बाहर तक विभिन्न हिस्सों में फैली हुई हों! आरोपी का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस उसके पुराने संपर्कों और नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा का कहना है कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में एक बड़े रैकेट की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। इस प्रकरण में आरोपी अलतामश खान (निवासी चेतक ब्रिज के पास, हबीबगंज, भोपाल), आहत शेख (निवासी जिंसी, भोपाल) एवं अरहान अली (निवासी गल्ला मंडी, भोपाल) की तलाश जारी है। ये तीनों आरोपी अब तक फरार चल रहे हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
अपनी बात में एसपी राजीव कुमार मिश्रा यह भी जोड़ते हैं कि “मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता है, लेकिन जांच अभी जारी है। इस मामले में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” मामले में एसआईटी अब आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और पुराने मामलों की जांच कर रही है।
‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में नाबालिग
इसके साथ ही जांच में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है कि नाबालिग लड़कियों को ‘सॉफ्ट टारगेट’ के रूप में चुना जाना। इस्लामिक जिहादी (आरोपी) पहले दोस्ती करते हैं, फिर भावनात्मक रूप से अपने से जोड़कर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। इस तरह की रणनीति दर्शाती है कि यह काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है।
किन्नर समुदाय की प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस मामले में एक नया मोड़ भी आया है, जिसमें कि भोपाल के किन्नर समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। उन्होंने जस्सी किन्नर को “छोटी मछली” बताते हुए इस पूरे प्रकरण में शामिल “बड़े मगरमच्छों” पर भी कार्रवाई किए जाने की मांग पुलिस के सामने रखी है।
किन्नर समुदाय की प्रतिनिधि काजल ठाकुर ने पुलिस की अब तक की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि आरोपी पहले उनके समूह का हिस्सा नहीं था, वह इस्लामिक कन्वर्जन की घटनाओं के समय किसी अन्य समूह से जुड़ा हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका समूह लंबे समय से ऐसी गतिविधियों के खिलाफ काम कर रहा है और पीड़ित लड़कियों की ‘घर वापसी’ में सहयोग करता रहा है।

















