देश में आए दिन दहशतगर्दों को पकड़ा जा रहा है। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई में तीन राज्यों से चार मुस्लिम कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया है। ये संसद भवन, राम मंदिर समेत अहम सैन्य ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहे थे। पुलिस के मुताबिक ये सभी गजवा-ए-हिंद और खिलाफत स्थापित करने की विचारधारा से प्रभावित थे।
गिरफ्तार किए गए चारों युवक अलग-अलग राज्यों से हैं। इनमें मोहम्मद सोहेल बिहार के कटिहार जिले के नवाबगंज बालू टोला, मणिहारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। सोहेल का पेशा प्लंबर है। बाकी तीनों में मोसैब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम ठाणे (महाराष्ट्र) से, मोहम्मद हम्माद मुंबई (महाराष्ट्र) से और शेख इमरान भुवनेश्वर (ओडिशा) से हैं।
कैसे हुआ खुलासा
शेख इमरान ने एक बंद सोशल मीडिया ग्रुप बनाया था, जिसमें जिहाद, खिलाफत और गजवा-ए-हिंद जैसे मुद्दों पर चर्चा होती थी। ग्रुप में राम मंदिर, संसद और सैन्य स्थलों को निशाना बनाने की बातें की गईं। एक आरोपी ने दिसंबर 2025 में दिल्ली आकर रेड फोर्ट और इंडिया गेट की रेकी की थी। इसी बीच इसकी जानकारी इंटेलीजेंस टीम को लग गई। पुलिस को बताया गया कि ये लोग रिमोट कंट्रोल वाले आईईडी बनाने की तैयारी में थे। दो सदस्य लोकल स्तर पर आईईडी बनाने का सामान जुटा रहे थे। शेख इमरान सुरक्षा गार्ड और डिलीवरी बॉय के रूप में काम कर चुका है। सोहेल के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में चैट और मैसेज सामने आए, जिनमें आतंकी गतिविधियों की प्लानिंग दिखी।
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ओडिशा में ट्रेनिंग का इंतजाम
आरोपियों ने ओडिशा में हथियार ट्रेनिंग और फिजिकल ट्रेनिंग का भी इंतजाम करने की कोशिश की। फंडिंग के लिए क्यूआर कोड और बैंक अकाउंट शेयर किए गए। सदस्यों से पैसे जुटाने की अपील की गई ताकि लश्कर से जुड़ सकें।
सबसे पहले धराया बिहार का सोहेल
सोहेल को पहले स्थानीय पुलिस ने मणिहारी में एक हफ्ते पहले हिरासत में लिया था। उस समय कुछ नहीं मिला, लेकिन मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। उसके बाद उसे दिल्ली बुलाया गया और स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया। पूरी कार्रवाई खुफिया इनपुट पर हुई। पुलिस ने इनके पास से आईईडी बनाने का सामान बरामद किया है। उनके बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया एक्टिविटी की जांच चल रही है। स्पेशल सेल के मुताबिक ये लोग आतंकी गतिविधियों की तैयारी कर रहे थे और दूसरे लोगों को भी भर्ती करने की कोशिश में थे। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ में इनके नेटवर्क और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।

















