इस वक्त नासिक के कार्पोरेट जिहाद की देश भर में चर्चा है, लेकिन मध्यप्रदेश में भी जिहाद, इस्लामिक कन्वर्जन के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं, एक बार फिर से नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म, धर्मांतरण और कथित “लव जिहाद” जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। अशोकनगर जिले की एक 17 वर्षीय किशोरी सहित तीन नाबालिग बच्चियों के साथ हुए इस अपराध ने कानून-व्यवस्था से अधिक हमारे सामाजिक सिस्टम पर सवाल खड़े किए हैं, आखिर जिहादी मानसिकता रुक क्यों नहीं रही।
दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम प्रदेश की राजधानी भोपाल में अंजाम दिया गया, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब पीड़िता बुर्का पहनकर अपने घर पिपरई (अशोकनगर) लौटी और परिजनों के सामने आपबीती सुनाई। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 05 नवंबर 2025 को पिपरई रेलवे स्टेशन से भोपाल निवासी अल्तमश खान ने 17 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। शुरुआत में यह एक सामान्य दोस्ती या प्रेम संबंध जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन धीरे-धीरे यह एक सुनियोजित साजिश में बदल गया। पीड़िता को वक्त गुजरने के साथ पता चला कि जो उसके साथ हुआ, वह सुनियोजित था। मां का आरोप है कि आरोपी ने उसकी किशोरी बेटी का विश्वास जीतकर उसे अपने प्रभाव में लिया और फिर उसे भोपाल ले जाकर पूरी तरह से अपने नियंत्रण में कर लिया।
जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह
भोपाल पहुंचने के बाद किशोरी का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। इसके बाद उससे निकाह किया गया, जोकि पूरी तरह से उसकी इच्छा के विरुद्ध बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, उसे लगातार डराया-धमकाया गया और मानसिक रूप से इतना दबाव डाला गया कि वह विरोध करने की स्थिति में नहीं रह सकी। निकाह के बाद उसके साथ कई स्थानों- जैसे प्रभात चौराहा और अन्य ठिकानों पर लगातार दुष्कर्म किया गया।
एक नहीं, तीन बच्चियों का शोषण
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि यह मामला अकेली इसी पीड़ित लड़की से नहीं जुड़ा है। मुख्य आरोपी अल्तमश खान के दो अन्य साथियों आहत शेख और अरहान अली खान (निवासी जिंसी, भोपाल) इसी तरह की रणनीति अपनाते हुए दो अन्य नाबालिग लड़कियों (उम्र 14 और 15 वर्ष) को अपने जाल में फंसाया। इन बच्चियों के साथ भी धर्मपरिवर्तन (कन्वर्जन) कराया गया और उनके साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुईं। इस तरह यह मामला एक संगठित इस्लामिक जिहादी गिरोह द्वारा मासूम बच्चियों को निशाना बनाने का सामने आया है।
ब्रेनवॉश और मानसिक दबाव
ये सभी पीड़िताएं चुपके से किसी तरह छिपते-छिपाते अशोकनगर पहुंची हैं, इन सभी पीड़िताओं ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उनका मानसिक रूप से “ब्रेनवॉश” किया। उन्हें अपने परिवार और समाज से दूर करने की कोशिश की गई। बुर्का पहनने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें गुप्त रूप से रखा गया, मिलने-जुलने तक की मनाही थी। धीरे-धीरे उन्हें इस स्थिति में ला दिया गया कि वे आरोपियों के नियंत्रण से बाहर नहीं निकल सकें।
जानकारी में आया है कि ये सभी लड़कियां बहुत गरीब घरों से हैं। इसकी गरीबी का फायदा भी आरोपी जिहादियों ने उठाया है। कन्वर्जन के लिए इस्लामिक जिहादियों ने यहां बाल्मीक समाज के बेटियों को निशाना बनाया, जिसमें कि अत्यधिक गरीब होने के कारण से पुलिस एवं अन्य तमाम खर्चों को देखते हुए परिवार भी पहले इस मामले में आगे नहीं आ सका। खर्चों का भय उसे अब तक एफआईआर कराने से रोकता रहा था। वह तो मामला सामने आते ही हिन्दू संगठन सक्रिय हो गए और वे पीड़ित बच्चियों के परिजनों के साथ थाने पहुंचे, तब कहीं जाकर उक्त प्रकरण एफआईआर में तब्दील हो सका है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट, धर्मांतरण विरोधी कानून और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भोपाल और आसपास के इलाकों में दबिश देना शुरू कर दिया है। मामले में अशोकनगर के एसडीओपी विवेक शर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राज्य में मध्यप्रदेश धर्मस्वातंत्र्य अधिनियम (धर्म स्वतंत्रता कानून) लागू है, जिसका उद्देश्य जबरन, प्रलोभन या धोखे से कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकना है। इसमें बिना अनुमति धर्म परिवर्तन कराना अपराध माना गया है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि इस्लामिक लव जिहादियों को इस कानून का कोई भय नहीं है। अधिकांश घटनाओं में युवतियों को प्रेम संबंधों के माध्यम से जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराया गया है और कराने के प्रयास हुए हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों में कार्रवाई भी की है, लेकिन इसके बावजूद यह प्रवृत्ति थमती नहीं दिख रही।

















