देश में कट्टरपंथियों के द्वारा किए जा रहे कन्वर्जन के खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने बुधवार को देशभर में एक सख्त कानून बनाने की मांग की है, जो अवैध धर्मांतरण को रोक सके। वीएचपी का कहना है कि ये गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन रही हैं।
कन्वर्जन एक पैटर्न
वीएचपी के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि लगातार रिपोर्ट्स आ रही हैं, जिनमें कॉर्पोरेट ऑफिस और वर्कप्लेस में भी धर्मांतरण की कोशिशों का जिक्र है। उन्होंने नासिक के एक मामले का हवाला दिया, जिसमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) का नाम आया था। जैन के अनुसार, ये मामला सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि एक बड़े पैटर्न को उजागर करता है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
नासिक पुलिस की तारीफ
वीएचपी ने नासिक पुलिस के कुछ जवानों की तारीफ भी की। उनका कहना है कि पुलिस की मदद से उस मामले को उजागर किया गया और इससे कई युवाओं को बचाया जा सका। संगठन मानता है कि ये काम किसी एक जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि एक बड़े और संगठित नेटवर्क का हिस्सा है जो संस्थानों से बाहर भी फैला हुआ है।
सुरेंद्र जैन ने ये भी बताया कि जिन राज्यों में पहले से सख्त एंटी-कन्वर्जन कानून बने हैं, वहां ऐसी घटनाओं पर बेहतर कंट्रोल देखने को मिला है। वीएचपी का मानना है कि पूरे देश में एक समान और मजबूत कानून की जरूरत है, ताकि अवैध तरीके से धर्म बदलने की कोशिशों को रोका जा सके।
युवाओं को बनाया जा रहा निशाना
सुरेंद्र जैन ने कहा कि कॉर्पोरेट वर्कप्लेस में भी युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जो चिंता की बात है। उन्होंने जोर दिया कि ये मुद्दा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा है। वीएचपी का दावा है कि समय रहते कदम उठाए बिना ये समस्या और बढ़ सकती है।














