केरल के मतदाता बहुत ही शिक्षित और प्रबुद्ध है और अब राजनीतिक तोर पर असर देखने को मिलना शुरू हो गया हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में 45 साल के वाम के शासन के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम का चुनाव जीता है। कांग्रेस पार्टी इतने लम्बे समय काल तक तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में वाम दल को नहीं हरा सकी वो भाजपा ने आसानी से कर दिया हैं।
भाजपा की राजनीतिक शुरुआत और रणनीति
विदित हो की भाजपा ने गुजरात और कर्नाटक में भी अहमदाबाद नगर निगम और शिमोगा नगर निगमों में जीत दर्ज़ करके ही इन राज्यों में अपनी राजनितिक पारी की शुरुआत किया था।
लव जिहाद और राजनीतिक विमर्श
केरल के लोग शिक्षित हैं अतएव लव जिहाद सबसे पहले केरल में आमजन के संज्ञान में आया था। केरल में माकपा के मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन ने सबसे पहले लव जिहाद शब्द का प्रयोग किया था। उसके बाद कांग्रेस पार्टी के आखिरी मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने इस विषय पर केरल विधानसभा में चर्चा की थी।।
केरल की शिक्षा और साक्षरता
केरल शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा से देश को नया रास्ता दिखाया हैं क्योंकि आजादी के समय केरल में साक्षरता दर देश में सबसे अधिक थी और तत्कालीन त्रावणकोर राज्य की साक्षरता दर 47% थी जब पुरे देश में यह महज 10% ही थी।
कांग्रेस और वाम दलों पर आरोप
कांग्रेस पार्टी और वाम दलों ने कभी भी केरल की शिक्षा और संस्कृति का सम्मान नहीं दिया। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के अनुसार न्यूटन से 250 साल पहले केरल स्कूल ऑफ मैथमेटिक्स ने कैलकुलस की खोज किया था। उसको भी मोदी सरकार ने पुरे विश्व के समक्ष लाया हैं। आदि शंकराचार्य केरल से ही थे जिन्होंने संपूर्ण भारत में ज्ञान स्थापित किया था ।
राजनीतिक निर्णय और विवाद
कांग्रेस पार्टी और वाम दलों ने कभी भी केरल के प्रतिभा का उचित सम्मान नहीं किया और बल्कि ऐसे काम किये जिससे की देश में राज्य की बदनामी हो। मार्च 2006 को केरल असेंबली का विशेष सत्र बुलाया गया था जिसमे 1998 में कोयंबटूर में लालकृष्ण आडवाणी पर हमले का जेल में बंद आरोपी अब्दुल नासिर मदनी को छोड़ दिया जाए इसके लिए केरल विधानसभा से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। इसमें कांग्रेस पार्टी और वाम दल सभी शामिल थे।
जनता का बदलता रुख
अब केरल की जनता पूरी तरीके से इन दोनों दलों और इससे संबंधित गठबंधनों की असल मंशा को समझ चुकी है। केरल की प्रतिभा और ज्ञान का कांग्रेस पार्टी और वाम दल सबो ने मिलकर हमेशा अन्याय किया है। इसका जवाब अब केरल की जनता ने लोकसभा में थ्रिस्सूर लोकसभा और तिरुवनन्तपुरम नगर निगम के चुनाव परिणामों के मार्फत देना शुरू कर दिया हैं। अब इस कड़ी में केरल विधानसभा चुनाव में जनता अपने अगली जनमत देगी।
















