खाड़ी में चल रहे युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को ईस्टर की छुट्टी के बाद ऊंचे स्तर पर खुलीं। आज ब्रेंट क्रूड में 2.4 डॉलर यानी 2.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 111.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 3 डॉलर यानी 2.7 प्रतिशत चढ़कर 114.57 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहे थे। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से हार्मुज जलडमरूमध्य में तेल परिवहन की रुकावट के कारण हुई है। युद्ध के चलते तेल आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
युद्ध और आपूर्ति पर असर
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने दुनिया भर की तेल आपूर्ति को प्रभावित किया है। दरअसल, इस रास्ते से दुनियाभर में करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। लेकिन ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रखा है। यहां तक कि उसने तो यहां से जहाजों को सुरक्षित गुजरने देने के बदले टोल लेने की तैयारी की है।
ट्रंप ने दी नर्क में भेजने की धमकी
इसी क्रम में एक बार फिर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सोशल मीडिया के जरिए धमकी दी है। उन्होंने रविवार को ईस्टर के दिन सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में गाली-गलौज भरे शब्दों में चेतावनी दी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य सोमवार तक नहीं खोला गया तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान को नर्क में भेजने की धमकी दी।
वो अलग बात है कि ईरान ने उनकी इन धमकियों को धता बताते हुए कहा कि हम इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल, तेल व्यापारियों को स्पष्ट दिख रहा है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है और तेल की सप्लाई पर इसका असर जारी रहेगा। ओपेक देशों ने हाल ही में तेल उत्पादन बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है, लेकिन ईरान युद्ध की वजह से कई सदस्य देश असल में उत्पादन नहीं बढ़ा पा रहे हैं। इराकी क्रूड से लदा एक टैंकर हाल ही में होर्मुज से गुजरा है, जो दिखाता है कि कुछ आपूर्ति अभी भी हो रही है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

















