जिसे दुनिया सभ्य देश कहती है, वहां से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। कनाडा में 84 साल की बुजुर्ग महिला को डॉक्टर ने इलाज के बजाय मौत का सुझाव दे दिया। महिला को पीठ और छाती में दर्द की शिकायत थी।
क्या है पूरा मामला
महिला ने दावा किया कि वह इलाज के लिए अस्पताल गई थीं और आरंभिक जांच कराने से पहले ही एक डॉक्टर ने उन्हें इच्छा मृत्यु (मेडिकल असिस्टेंस इन डाइंग- MAID) के लिए कहा। वैनकूवर की रहने वाली मिरियम लैनकेस्टर ने बताया कि अप्रैल 2025 में एक दिन वह सोकर उठीं तो उन्हें शरीर में दर्द महसूस हुआ। उनकी बेटी ने एम्बुलेंस बुलाई और उन्हें जनरल हॉस्पिटल में ले जाया गया। अस्पताल में जाने के बाद इलाज की जगह उनसे कहा गया कि आप “मृत्यु में सहायता” क्यों नहीं ले लेती हैं।
I met an 84-year-old woman who was offered euthanasia at a Canadian hospital practically upon arrival.
Miriam didn’t want to die. She recovered well and travelled to Cuba, Mexico, and Guatemala.
Stop offering death to people who have adventures to lead! pic.twitter.com/ZjEfSaKmix
— Amanda Achtman (@AmandaAchtman) March 18, 2026
मरना नहीं चाहती थीं बुजुर्ग महिला
डाइंग टू मीट यू प्रोजेक्ट की संस्थापक अमेंडा ने महिला की पोस्ट एक्स पर साझा की। इसमें मिरियम का वीडियो है, जिसमें वह कह रही हैं कि वह मरना नहीं चाहती थीं। वह बस यह जानना चाहती थीं कि आखिर उन्हें दर्द क्यों हो रहा है? वह अस्पताल में एक महीने रुकीं और फिर ठीक होकर घर वापस आईं। इसके बाद पिछले साल क्यूबा गईं और फिर मेक्सिको और ग्वाटेमाला भी गई थीं। उनकी रिकवरी बहुत तेज हुई और उन्हें MAID का सुझाव देने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
उनके पति के साथ भी यही हुआ था
मिरियम का कहना है कि उनके पति के साथ भी यही हुआ था। EWTN News ने एक्स हैंडल पर उनकी कहानी के हवाले से लिखा कि तीन साल पहले उनके पति को भी मेडिकल असिस्टेंस इन डाइंग का सुझाव दिया गया था, जिसे उन्होंने मना कर दिया था। उनका कहना है कि वे लोग ईसाई मत का पालन करने वाले लोग हैं, और जो यह मानते हैं कि जीवन लेना और देना प्रभु के हाथों में है, इसलिए वे जीवन समाप्त करने के उपाय कैसे ले सकते हैं?
और भी कहानियां
मिरियम की कहानी के बाद और लोग भी अपनी कहानियां बता रहे हैं। अमेंडा इसी विषय पर काम करती हैं और उनके एक्स हैंडल पर पता चलता है कि आखिर कनाडा में किस तरह से जीवन समाप्त करने के लिए चिकित्सीय सहायता दी जाती है। मिरियम के मामले में उनकी बेटी का कहना है कि अगर वह उस दिन नहीं होतीं तो पता नहीं मां के साथ क्या हो जाता? उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा विकल्प है, जो दर्द को हमेशा के लिए खत्म कर देता है और इसे बहुत ही बढ़ावा दिया जा रहा है। अगर कोई हेल्थ केयर वर्कर के साथ थोड़ा सा भी सम्मानजनक व्यवहार कर रहा है तो उन्हें ऐसा लगता है कि यह आदमी उनकी बात मान जाएगा।
यह कहानी वायरल होनी चाहिए
अमेंडा ने कहा कि मरियम की कहानी हर जगह वायरल होनी चाहिए क्योंकि इससे लोगों को पता चलेगा कि कैसे जीवन से भरे हुए लोगों को भी मौत की सलाह दे दी जाती है। जो लोग MAID का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें ‘डॉक्टर या नर्स द्वारा सीधे तौर पर एक जानलेवा इंजेक्शन देकर मारा जा रहा है। अब कनाडा में हर 20 में से 1 मौत जीवन को समय से पहले ही नष्ट करने का एक तरीका है। कनाडा के वृद्ध नागरिकों को इसका सुझाव बार-बार दिया जाता है। वहां यह भी विचार चल रहा है कि कैसे किशोरों को भी इच्छा या दया मृत्यु के दायरे में लाया जाए। कनाडा की सरकार ‘कनाडियन साइकियाट्रिक एसोसिएशन’ को $498,000 दे रही है, ताकि वे मानसिक रोगों के लिए ‘इच्छामृत्यु’ (euthanasia) के संबंध में “क्लिनिकल दिशा-निर्देश तैयार” कर सकें। यह अभी तक कानूनी तौर पर लागू भी नहीं हुआ है, लेकिन इस पेशे से जुड़े लोगों को GovCanHealth द्वारा पहले से ही प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे इस पहल में शामिल हो सकें।
बड़ा सवाल
जहां एक ओर चिकित्सा विज्ञान का धर्म जीवन बचाना है, वहीं कनाडा जैसे देशों में इसे ‘मौत बांटने’ का जरिया बनाया जा रहा है। प्रश्न यह है कि क्या ‘मरने में सहायता’ को इतना सरल बना देना चाहिए कि अस्पताल जाने वाले हर बुजुर्ग को मौत का विकल्प थमा दिया जाए?















