नई दिल्ली: अमेरिका, इस्राइल और ईरान का युद्ध भीषण होता जा रहा है। जब-जब ट्रंप कहते हैं कि ईरान के हथियारों को नष्ट कर दिया गया है और उसकी सेना समाप्त होने की ओर है, उसी समय ईरान कुछ ऐसा कर देता है कि पूरी दुनिया सख्ते में आ जाती है। ईरान ने एक ही दिन में अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इससे अमेरिका तिलमिला उठा है। उसके एक पायलट जो कि लापता है उस पर ईरान ने ईनाम रखा है।
अमेरिका कामयाबी का दावा कर रहा और ईरान चौंका रहा
अमेरिका और ईरान युद्ध को एक महीने से अधिक हो गया है। अमेरिका और इजराइल मिलकर पांच हफ्तों में 12,300 से अधिक ईरानी ठिकानों को निशाना बना चुका है। अमेरिका की खुफिया एजेंसी खुद ही ट्रंप के दावों पर सवाल उठा रही है। अमेरिका और इजराइल ईरान के जितने बंकरों और मिसाइलों को नष्ट कर रहा है कुछ ही घंटों में वो फिर से चालू हो रही है। ईरान के पास भी हथियारों की कमी नहीं है और वह कह भी चुका है कि अमेरिका और इजराइल को हमारे हथियारों के बारे में अधूरी जानकारी है।
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कैसे ईरान घंटों में बंकर और मिसाइलें फिर चालू कर रहा है?
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ईरान घंटों में अपने मिसाइल बंकर दोबारा चालू कर रहा है। इससे साफ है कि ईरान अभी झुकने वाला नहीं है और उसके पास काफी सैन्य उपकरण मौजूद हैं। वहीं ईरान ने मध्यस्थता की पाकिस्तान की पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान में अमेरिका नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करेगा। ईरान अभी भी इस्राइल पर प्रतिदिन करीब 20 मिसाइलें दाग रहा है। दरअसल बमबारी से पहले भी ईरान के लॉन्चरों की कुल संख्या का अमेरिकी अनुमान पूरी तरह सटीक नहीं था।
खुफिया एजेंसी का संदेव- अभी खत्म नहीं हुई ईरान की मिसाइल क्षमता
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इस दावे पर संदेह जताया है कि अमेरिका ईरान की मिसाइल क्षमता को नष्ट करने के करीब है। जबकि यही इस युद्ध का एक प्रमुख लक्ष्य था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के पास अभी भी इतनी बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बचे हैं कि वह इस्राइल और खाड़ी के अन्य देशों पर हमले जारी रख सके। ईरान के बचे हुए लॉन्चरों की सटीक संख्या भी अभी अमेरिका व इजराइल को नहीं पता है।
CNN की रिपोर्ट कहती है कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर सुरंगों और गुफाओं के विशाल नेटवर्क में छुपे हुए हैं। यही वजह है कि उन्हें ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा। द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारी भी मान रहे हैं कि ईरान जानबूझकर अपने लॉन्चरों को बंकरों और गुफाओं में सुरक्षित रख रहा है ताकि युद्ध लंबा खिंचने पर दबाव बनाए रख सके।

















