नई दिल्ली: ईरान के साथ एक महीने से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इस घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा कर दिया है और इजराइल-अमेरिका और ईरान युद्ध को और अधिक भीषण स्थिति में ले आया है। एक अमेरिकी पायलट लापता है। जिसकी खोज तेज कर दी गई है।
अमेरिकी पायलट दुश्मन क्षेत्र में छिपा बताया जा रहा है। ईरानी सेना ने एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू जेट को गोलाबारी में मार गिराया। दो पायलट वाले इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पुष्टि दोनों देशों के अधिकारियों ने की है। एक पायलट को बचा लिया गया है जबकि लापता है।

एक अलग घटना में एक अमेरिकी A-10 वारथोग अटैक एयरक्राफ्ट कुवैत के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के पायलट ने सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया और उसे बाद में बचा लिया गया। एक के बाद एक हुई इन दो घटनाओं ने संघर्ष को तेज कर दिया है। इसके साथ ही अमेरिका को भी सख्ते में डाल दिया है। F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई।
वहीं ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए एक अभियान शुरू किया है। पायलट की सूचना देने या उसे पकड़ने वाले शख्स को इनाम दिया जाएगा। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि युद्ध अब शासन परिवर्तन से हटकर अमेरिकी पायलटों की तलाश में बदल गया है। वहीं व्हाइट हाउस में ट्रंप ने पूछा है कि क्या हालिया घटनाएं बातचीत को प्रभावित करेंगी? इस पर उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। यह युद्ध है।












