नई दिल्ली: चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भारतीय चुनाव आयोग ने यहां मतदान के दिन छुट्टी की घोषणा की है। खास बात है कि मतदान के दिन छुट्टी मिलेगी और किसी भी कर्मचारी का एक भी पैसा नहीं कटेगा। चुनाव आयोग का साफ कहना है कि मतदान का अधिकार हर भारतीय नागरिक का है।
ऐसे में हर संस्थान में काम करने वाले व्यक्ति को मतदान करने के लिए छुट्टी मिलेगी। छुट्टी का वेतन भी नहीं काटा जाएगा। दरअसल पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव आयोग का कहना है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B के तहत सभी को मतदान करने का अधिकार मिलना जरूरी है। आपको बता दें कि मतदान वाले दिन सरकारी कर्मचारियों को पूरी छुट्टी मिलती है। वहीं निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी पेड लीव मिलती है। दिहाड़ी मजदूरों को भी पूरे वेतन के साथ छुट्टी मिलती है। अगर कोई कर्मचारी अपनी मतदान क्षेत्र से बाहर काम कर रहा है तब भी उसे छुट्टी मिलती है ताकि वह मतदान कर सके।
चुनाव आयोग भी समय-समय पर मतदाताओं को वोटिंग के लिए प्रेरित करने का अभियान चलाता रहता है। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल 2026 को है। जबकि 23 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में चुनाव है। पश्चिम बंगाल में यह पहला चरण का मतदान है। यहां दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को है। इन तारीखों पर संबंधित राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। अगर कोई प्राइवेट कर्मचारियों को वोटिंग के लिए छुट्टी नहीं देती तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बता दें कि असम में विधानसभा की 126 सीटें हैं। केरल में 140 सीटों के लिए विधानसभा चुनाव होना है। पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी वोटिंग होनी है। तमिलनाडु में विधानसभा की 234 सीटें हैं जबकि पश्चिम बंगाल की 152 सीटों पर मतदान होगा।

















