खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के बीच तेल और गैस के संकट को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं। ये अफवाह है कि भारत में लॉकडाउन लगेगा या नहीं, इसकी चर्चा इन दिनों काफी तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग पुरानी यादें ताजा कर रहे हैं और तरह-तरह की अफवाहें फैला रहे हैं। लेकिन सरकार ने साफ-साफ कहा है कि देश में कोई लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा।
क्यों शुरू हुई ये अफवाह?
रिपोर्ट के अनुसार, दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) के चल रहे संघर्ष पर बात की। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो हालात बने हैं, उनका असर लंबे समय तक रह सकता है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा, एकजुट रहना होगा। उन्होंने कोविड के समय की याद दिलाई जब पूरा देश मिलकर चुनौतियों से लड़ा था। पीएम मोदी ने कहा, “धीरज, संयम और शांत मन से हर चुनौती का मुकाबला करना है।”
उन्होंने कहीं भी “लॉकडाउन” शब्द का इस्तेमाल नहीं किया, न ही किसी भी तरह की पाबंदी की बात की। फिर भी उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर “लॉकडाउन अगेन” ट्रेंड करने लगा। लोग सोचने लगे कि शायद फिर से घरों में रहने जैसी स्थिति आएगी।
सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
सरकार ने बुधवार 25 मार्च को ही इन अफवाहों को खारिज कर दिया था। अधिकारियों ने कहा कि न तो जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई रोक लगाई जाएगी और न ही आर्थिक गतिविधियों पर। आम लोगों को सामान्य रूप से काम-धंधे करने की पूरी छूट रहेगी। कोई भी प्रकार की पाबंदी या कर्फ्यू जैसी बात नहीं है।
प्रधानमंत्री करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक
प्रधानमंत्री मोदी आज चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। यह बैठक पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर है। इसमें राज्यों की तैयारियों की समीक्षा होगी – जैसे सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और संभावित असर से कैसे निपटा जाए। यह पहली बार है जब पीएम मोदी इस मुद्दे पर मुख्यमंत्रियों से सीधे चर्चा कर रहे हैं। बैठक का मकसद राज्यों को तैयार रखना है, न कि कोई बंदी लगाना।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि पश्चिम एशिया में तनाव 28 फरवरी से बढ़ा जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए। ईरान ने जवाब में पड़ोसी देशों और इजरायल पर हमले किए। इससे वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो सकती है। भारत जैसे देशों पर इसका असर ऊर्जा कीमतों और उपलब्धता पर पड़ सकता है। पीएम मोदी ने कोविड की तुलना सिर्फ एकजुटता और तैयारी के लिहाज से की, न कि किसी महामारी या लॉकडाउन के लिए।

















