नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष का असर अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दिखने लगा है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाले तेल और एलपीजी (LPG) का आयात प्रभावित हुआ है। हालांकि, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देशवासियों को ऊर्जा संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।
गुरुवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित पत्रकार वार्ता में पेट्रोलियम, विदेश और शिपिंग मंत्रालय के उच्च अधिकारियों ने संयुक्त रूप से स्थिति की समीक्षा पेश की।
घरेलू LPG सप्लाई सामान्य : पेट्रोलियम मंत्रालय
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आयात प्रभावित होने के बावजूद घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सुचारू है।
रिकॉर्ड सप्लाई : बुधवार को एक ही दिन में 52 लाख से अधिक घरों को सिलेंडर पहुंचाए गए।
रोजाना बुकिंग : वर्तमान में 44-45 लाख सिलेंडरों की रोजाना बुकिंग हो रही है।
सुरक्षित डिलीवरी : 94% सिलेंडरों की डिलीवरी DAC (Delivery Authentication Code) के जरिए की जा रही है, जिससे कालाबाजारी और डायवर्जन पर लगाम लगी है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) असीम आर महाजन ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर 24×7 नजर रखी जा रही है।
हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम : भारतीय मिशनों ने विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।
बड़ा रेस्क्यू : 28 फरवरी से अब तक 12 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं।
वैकल्पिक मार्ग : कुछ हवाई मार्ग बंद होने के बाद अब ईरान, आर्मेनिया और अज़रबैजान के वैकल्पिक रास्तों का उपयोग किया जा रहा है। यूएई और सऊदी अरब के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित हैं।
सभी भारतीय नाविक सुरक्षित : शिपिंग मंत्रालय
शिपिंग मंत्रालय के संयुक्त सचिव मुकेश मंगल ने नाविकों की सुरक्षा पर अपडेट देते हुए कहा कि अब तक 2,680 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। पिछले 24 घंटों में ही 65 नाविक स्वदेश लौटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के सभी बंदरगाह सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और कहीं भी माल ढुलाई में रुकावट नहीं है।

















