48 वर्षों बाद पुरी श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूचीकरण प्रक्रिया शुरू
June 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत ओडिशा

48 वर्षों बाद पुरी श्रीजगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूचीकरण प्रक्रिया शुरू

ओडिशा के पवित्र श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में सुरक्षित बहुमूल्य आभूषणों और धरोहरों की बहुप्रतीक्षित सूचीकरण (इन्वेंट्री) एवं सत्यापन प्रक्रिया 25 मार्च से आरंभ हो गई है।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद
Mar 25, 2026, 01:28 pm IST
in ओडिशा

भुवनेश्वर: ओडिशा के पवित्र श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में सुरक्षित बहुमूल्य आभूषणों और धरोहरों की बहुप्रतीक्षित सूचीकरण (इन्वेंट्री) एवं सत्यापन प्रक्रिया 25 मार्च से आरंभ हो गई है। लगभग 48 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद यह महत्वपूर्ण कार्य एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत किया जाएगा, जिसे प्रशासनिक पारदर्शिता और धार्मिक मर्यादा के संतुलन के साथ तैयार किया गया है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह प्रक्रिया शुभ मुहूर्त में दोपहर 12:09 बजे से 1:45 बजे के बीच शुरू हुई। जिससे परंपराओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके। यह केवल आभूषणों की गणना नहीं, बल्कि पीढ़ियों से श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ को अर्पित आस्था और भक्ति की धरोहर का पुनः अभिलेखीकरण भी है।

1978 की सूची से होगा मिलान
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत रत्न भंडार में मौजूद प्रत्येक आभूषण का मिलान वर्ष 1978 में तैयार की गई सूची से किया जाएगा, जो अब तक का अंतिम आधिकारिक रिकॉर्ड है। प्रत्येक आभूषण को सावधानीपूर्वक जांचा जाएगा, उसका वजन किया जाएगा और उसे टैग कर पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान आभूषणों का कोई मौद्रिक मूल्यांकन नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल दस्तावेजीकरण और सत्यापन पर ध्यान केंद्रित रहेगा।

आधुनिक तकनीकों का होगा उपयोग
इस बार सूचीकरण प्रक्रिया को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है। डिजिटल फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और 3D मैपिंग के माध्यम से प्रत्येक आभूषण का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। यह भविष्य में संदर्भ के लिए एक स्थायी और विश्वसनीय दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा।

कड़ी सुरक्षा और दो समितियों का गठन
पूरी प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न होगी। राज्य सरकार ने इसके लिए दो समितियों का गठन किया है—एक पर्यवेक्षण समिति , जो पूरे कार्य की निगरानी करेगी, और दूसरी हैंडलिंग समिति, जो सीधे तौर पर सूचीकरण कार्य में शामिल होगी। इस कार्य में विशेषज्ञों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। इस बार दो जेमोलॉजिस्ट (रत्न विशेषज्ञ), एक मेटलर्जिस्ट, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा अनुशंसित दो स्वर्णकार, मंदिर के पारंपरिक स्वर्णकार और भारतीय रिजर्व बैंक के दो वरिष्ठ अधिकारी भी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। उल्लेखनीय है कि 1978 की सूचीकरण प्रक्रिया में जेमोलॉजिस्ट शामिल नहीं थे।

चरणबद्ध तरीके से होगा कार्य
सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया चरणबद्ध ढंग से पूरी की जाएगी। पहले दैनिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाले आभूषणों का सत्यापन होगा। इसके बाद बाहरी कक्ष (बाहार भंडार) में रखे विशेष अवसरों पर उपयोग होने वाले आभूषणों की सूची तैयार की जाएगी। अंत में आंतरिक कक्ष (भीतर भंडार), जहां सबसे बहुमूल्य धरोहरें रखी गई हैं, का सूचीकरण किया जाएगा।

अनुष्ठानों पर नहीं पड़ेगा कोई असर
मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भगवान के दैनिक अनुष्ठान (निति) और पूजा-पाठ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। श्रद्धालुओं की आस्था को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था भी जारी रहेगी, हालांकि सुरक्षा कारणों से भक्तों को ‘बहारा कथा’ से ही दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

प्रशासन की अपील और महत्व
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढी ने इसे पुरी के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उनके अनुसार, यह प्रक्रिया प्राचीन परंपराओं और आधुनिक संरक्षण प्रणाली के बीच एक सेतु का कार्य करेगी। वहीं, ओडिशा के विधि मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता और एसओपी के अनुरूप सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आभूषण का नाम, वजन, आकार, गुणवत्ता और उसमें जड़े रत्नों की संख्या तक का विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। बाद में इन आभूषणों को मुलायम कपड़े में लपेटकर सुरक्षित संदूकों में रखा जाएगा।

न्यायालय की निगरानी
ओडिशा उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इस सूचीकरण प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए। हालांकि, मंत्री ने कहा कि कार्य की जटिलता को देखते हुए निश्चित समयसीमा तय करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

श्रद्धालुओं में खुशी
इस लंबे समय से लंबित प्रक्रिया की शुरुआत को लेकर श्रद्धालुओं में संतोष और खुशी का माहौल है। भक्तों का मानना है कि इससे मंदिर की धरोहरों का संरक्षण और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित होंगे। अंततः, यह प्रक्रिया केवल स्वर्ण, रत्न और आभूषणों की गणना भर नहीं, बल्कि उन करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान है, जिन्होंने सदियों से भगवान जगन्नाथ को अपनी श्रद्धा अर्पित की है। रत्न भंडार के द्वार खुलने के साथ ही जहां प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाई जाएगी, वहीं यह आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण का भी एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

Topics: OdishaShri Jagannath TempleVerification Processverification process begins at Jagannath Temple
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

इस्लामनगर बुलडोजर से किया गया ध्वस्त…अवैध अतिक्रमण कर ‘लैंड जिहाद’ के जरिये था बनाया गया

ओडिशा में राज्यस्तरीय प्रवेश उत्सव: मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया विद्यारंभ, ‘मां- पिताजी ’ लिखवाकर दिलाया आत्मविश्वास

31 मार्च की समयसीमा से पहले 96 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण; ओडिशा में अब केवल 15 सक्रिय: मुख्यमंत्री मोहन माझी

ओडिशा : सुंदरगढ़ पुलिस ने अंतरराज्यीय गौ तस्करी रैकेट का भंडाफोड़, 105 गोवंश मुक्त

ओडिशा: कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में आग, 10 मरीजों की मौत; न्यायिक जांच के आदेश

ओडिशा : कलाहांडी में 11 हार्डकोर माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता

Load More

ताज़ा समाचार

guardian journalist ellis petersen amplifies anti india propaganda

पश्चिमी मीडिया का प्रोपेगैंडा! ‘द गार्जियन’ की हन्ना एलिस-पीटरसन के भारत विरोधी नैरेटिव का पर्दाफाश

dr chinmay pandya shantikunj honored in canada calgary

कनाडा की केंद्र सरकार एवं कैलगरी नगर ने किया गायत्री परिवार का सम्मान

cm dhami attends judicium 2 0 dehradun announces 5 crore welfare fund

देहरादून: CM धामी ने ‘जूडिशियम 2.0’ सम्मेलन में लिया भाग, न्यायाधीश कल्याण निधि के लिए ₹5 करोड़ की बड़ी घोषणा

uttarakhand voter revision program blo door to door visit

उत्तराखंड में शुरू हुआ SIR! BLO घर-घर बांटेंगे गणना फार्म, ‘Book a Call’ फीचर से घर बैठे मिलेगी सुविधा

Shamli gym trainer Chandni Qureshi conversion Ayush Malik arrest

नमाज और जालीदार टोपी की फोटो से खुला राज! शामली में जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने कराया दवा कारोबारी के बेटे का कन्वर्जन

Modi Govt Border Security BRO Budget Infrastructure Development

मोदी सरकार में सरहदों की अभेद्य सुरक्षा: BRO का बजट ₹18,700 करोड़ पहुंचा, जानिए कैसे सीमा विकास की बदली सोच

CJP के प्रदर्शन में आए लोगों ने क्या कहा- इन्हें क्या मालूम RSS है

डॉ कृष्ण गोपाल, सह सरकार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

नेहरू से लेकर जेपी तक, संघ को लेकर कैसे बदले विचार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को कितना जानती है कॉकरोच जनता पार्टी?

vhp shiksha varg prayagraj rajendra saxena

VHP परिषद शिक्षा वर्ग: प्रयागराज में बोले राजेन्द्र सक्सेना- सोशल मीडिया और नैरेटिव की लड़ाई में सजग रहें कार्यकर्ता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies