"लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत", विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैरान करने वाले आंकड़े!
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“लंदन से ज्यादा सुरक्षित है भारत”, विदेशी महिला पर्यटक ने सोशल मीडिया पर शेयर किए हैरान करने वाले आंकड़े!

भारत विरोधी दुष्प्रचार के बीच विदेशी पर्यटकों ने भारत में लंदन से अधिक सुरक्षा, सस्ती चिकित्सा और यूपीआई डिजिटल पेमेंट के सकारात्मक अनुभव शेयर किए हैं।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Jul 21, 2026, 09:00 pm IST
in भारत, विश्लेषण
Foreign Tourists Praise India Safety Over London Phone Theft Medical Tourism Free Rabies Vaccine Digital Payment UPI Panchjanya

पिछले दिनों चीन और भारतविरोधी कई लोगों ने भारत को लेकर आलोचनात्मक चित्र प्रस्तुत किया। ऐसा दिखाने का प्रयास किया कि जैसे भारत में विदेशियों के साथ दुर्व्यवहार होता है और भारत को बाहर के लोग पसंद नहीं करते हैं। मगर इसके साथ ही सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे भी किस्से साझा किए गए, जो भारत को लेकर सकारात्मक थे और भारत की प्रशंसा से भरे हुए थे। और अभी तक लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। महिलाए लिख रही हैं कि वे कैसे भारत में अधिक सुरक्षित अनुभव कर रही हैं।

भारत में फोन प्रयोग करते समय लंदन से अधिक सुरक्षा

यह चर्चा एक पर्यटक एम्मा के अनुभव से एक बार फिर से तेज हो गई। एम्मा का कहना था कि उन्हें लंदन से ज्यादा सुरक्षित भारत लगा। उन्होनें अपने अनुभव साझा करते हुए इंस्टाग्राम पर लिखा कि केरल, वर्कल, गुवाहाटी और मेघालय में उन्हें लोगों के बीच भी ऐसा अनुभव नहीं हुआ कि उन्हें अपने फोन के लिए अलग रूप से कुछ सुरक्षा व्यवस्था करनी है।

उन्होनें कहा कि अपनी यात्रा के दौरान उन्हें इस वाक्य की जरूरत नहीं पड़ी कि “अपने सामान की रक्षा खुद करें!”

लंदन में फोन छीने जाने की घटनाएं भारत से कहीं अधिक

यह प्रश्न उठता है कि आखिर एम्मा ने यह बात क्यों कही? इसके लिए आँकड़े देखने होंगे। दरअसल लंदन में फोन चोरी की घटनाएं भारत से कहीं अधिक हैं। लंदन में 9.6 मिलियन की जनसंख्या में साल 2025 में पुलिस के अनुसार फोन चोरी के कुल लगभग 70137 मामले सामने आए थे। इसका अर्थ यह हुआ कि प्रति एक लाख की जनसंख्या पर यह संख्या लगभग 639 थी। वहीं भारत में साल 2025 में 143 करोड़ की जनसंख्या में 6 लाख फोन चोरी हुए//खोए और रिकवर भी हुए। और यह आंकड़ा प्रतिलाख लोगों में महज 42 पड़ता है।

लंदन में अपराधों में वृद्धि हुई है और सरे आम झपटमारी की घटनाएं आम हो गई हैं। लोग वहाँ पर अपने महंगे सामानों को लेकर डरने लगे हैं। और वहाँ पर 2022-2025 के बीच लगभग 5180 महंगी घड़ियाँ चोरी हुई थीं, मगर महज 59 ही वापस मिल पाई थीं।

यही कारण है कि एम्मा ने लिखा कि उन्हें भारत में यह महसूस नहीं हुआ कि अपने सामान की रक्षा करनी है।

यह तो रही एम्मा की बात, मगर सोशल मीडिया पर भारत को लेकर विदेशियों के सकारात्मक अनुभवों की लंबी शृंखला है।

भारत में सस्ती और वहनीय चिकित्सा

ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें विदेशियों ने भारत की सस्ती और वहनीय तथा समय पर उपलब्ध चिकित्सा की प्रशंसा की है। भारत में सरकारी अस्पतालों में रेबीज की निशुल्क वैक्सीन लगाई जाती हैं और इसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाता है। और इसमें विदेशियों को भी फ्री में ही रेबीज की वैक्सीन लगाई गई थी। अप्रेल में एक जर्मन पर्यटक ने गुजरात में निशुल्क रेबीज वैक्सीन मिलने पर सरकार की प्रशंसा की थी।

जब उन्हें कुत्ते ने काटा था, तो उन्हें जर्मनी के अनुभव से यही लगा था कि जैसे वहाँ पर विदेशियों के साथ होता है, वैसा ही यहाँ होगा। मगर उन्हें हैरानी हुई थी, जब बिना किसी अधिक देर के और बहुत अधिक औपचारिकता के उन्हें निशुल्क रेबीज वैक्सीन मिली थी। उन्होनें कहा था कि यह जर्मनी में नामुमकिन था।

ऐसा ही एक मामला हाल ही में एक एनआरआई लक्ष्य मेहता का आया था। कि यूके में रहने वाले एक एनआरआई के दांतों में भयानक दर्द था और उन्हें रूट कनाल ट्रीटमेंट कराना था। मगर रूट कनाल के लिए तीन हफ्ते बाद की तारीख मिली थी। दर्द इतना भयानक था कि वह भारत आया और दो दिनों में वापस चला गया, और उसका आना जाना और खर्च यूके में पूरे इलाज से कम निकला था।

ऐसी ही एक महिला का अनुभव था, जिन्होनें केन्या से भारत आकर इलाज कराया था। नैरोबी में रहने वाली 40 वर्षीय इमेल्डा न्दोमो अपने दांतों की खराबी के कारण काफी समय से परेशान थीं और उनका आत्मविश्वास पूरी तरह से खो गया था। और यह भी बात सच है कि अफ्रीकी देशों में अत्याधुनिक कॉस्मेटिक डेंटिस्ट्री बहुत महंगी और दुर्लभ है। फिर उन्होनें भारत का रुख किया और 2026 में मुंबई (बोरिवली) के सिनर्जी डेंटल क्लिनिक आईं। यहाँ उनके पूरे मुंह का ‘स्माइल रिस्टोरेशन’ और मेकओवर बेहद किफायती खर्च में और आधुनिक 3D डिजिटल तकनीक से किया गया। उनका यह अनुभव भी काफी लोगों ने शेयर किया और यह अभी यूट्यूब पर भी उपलब्ध है।

साल 2024 में ओमान के एक मरीज की बहुत ही जटिल रीढ़ की हड्डी की सफल सर्जरी बैंगलुरु में हुई थी। इसमें मरीज रीढ़ की हड्डी के गंभीर ट्यूमर और विकृति से पीड़ित था और रीढ़ की हड्डी पूरी तरह से ब्लॉक हो चुकी थी। भारत के डॉक्टरों ने जटिल न्यूरो-नेविगेशन तकनीक का उपयोग करके सफल सर्जरी की, जिसके बाद वह स्वस्थ होकर अपने देश लौट गया।

डिजिटल पेमेंट को लेकर सकारात्मक अनुभव

भारत की एक सबसे बड़ी उपलब्धि है, और वह है डिजिटल पेमेंट। भारत में हर गाँव में डिजिटल पेमेंट की सुविधा मिल जाती है, फिर चाहे वह दस रुपए की मिर्च ही क्यों न हो। और इस डिजिटल पेमेंट को लेकर कई विदेशी पर्यटकों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। 16 जून को ही हिंदुस्तान टाइम्स में एक खबर थी, जिसमें विदेशियों ने यह बताया था कि कैसे भारत की पेमेंट व्यवस्था कई और देशों से कई साल आगे है।

एक विदेशी महिला जूलिया ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करते हुए अपने अनुभव को साझा किया था। उसने कहा था कि उसे हैरानी हो रही है कि कैसे छोटी से छोटी जगहों पर भी केवल स्कैनर से काम हो जाता है।

ऐसे एक नहीं कई मामले हैं और सोशल मीडिया पर ही हैं। परंतु फिर भी भारत के प्रति ये सकारात्मक अनुभव सहज रूप से विमर्श का हिस्सा नहीं बन पाते हैं और भारत की अच्छाइयों को दिखाने से लोग डरते हैं, या फिर जो हमारे दिमाग में यह छवि बनी हुई है कि भारत तो पिछड़ा है, इलाज कराने तो विदेश ही जाया जाता है, वह भारत के प्रति इस सकारात्मक छवि को साझा करने से रोकती है।

 

Topics: Bharat Digital PowerPanchjanya newsForeigners Praise IndiaIndia Safety vs London CrimeIndia Medical TourismUPI Digital Payment IndiaSocial Media Viral NewsEmma Tourist India Safety
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