अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान के खिलाफ युद्ध जीत लिया है और अब दोनों देशों के बीच समझौते की बात चल रही है। लेकिन दूसरी तरफ ईरान की ताकतवर सेना Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है।
अमेरिका पर पलटवार: ईरान ने समझौते की बात को बताया ‘हार छुपाने की कोशिश’- IRGC के प्रवक्ता ने साफ कहा कि यह कोई समझौता नहीं, बल्कि अमेरिका की हार है। उनका कहना है कि अमेरिका अपनी हार को छुपाने के लिए उसे समझौते का नाम दे रहा है। ईरान ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हाल में अमेरिका के साथ समझौता नहीं करेगा। ईरान के खतम अल-अनबिया मुख्यालय के प्रवक्ता ने भी अमेरिका को कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपने दिमाग से ईरान के खिलाफ बुरी सोच नहीं निकालता, तब तक कोई भी रिश्ता सामान्य नहीं हो सकता। उनका कहना है कि ईरान शुरू से ही अपने फैसले पर कायम है और आगे भी रहेगा।
शांति की पहल के साथ सैन्य ताकत में इजाफा- इस बीच एक दिलचस्प बात यह है कि जहां अमेरिका एक तरफ शांति और युद्धविराम की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ अपनी सेना भी बढ़ा रहा है। खबरों के अनुसार, अमेरिका करीब 50,000 सैनिक पहले से तैनात रखे हुए है और अब 82nd Airborne Division से करीब 1,000 और सैनिक भेजने की तैयारी कर रहा है। साथ ही Pentagon भी बड़ी संख्या में मरीन और नौसैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना भी भेजी है। The New York Times ने दावा किया है कि यह प्रस्ताव ईरान तक पहुंच चुका है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

















