भारतीय जनता पार्टी का जनसंघ के जमाने से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि बंगाल को जीतने का सपना रहा है। भाजपा एक लंबे संघर्ष के बाद बंगाल में पहली बार 2014 के लोकसभा चुनाव में अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब हुई और पार्टी को 17% मत मिला था। हालांकि, इतने वोट प्रतिशत के बावजूद भी भाजपा को सिर्फ दो सीटें ही मिल पाई थी। मगर भाजपा 2014 लोकसभा चुनाव से यह स्पष्ट सन्देश देने में कामयाब हुई थी कि वह अब पश्चिम बंगाल में अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके बाद 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को भाजपा को 10% मत मिला, लेकिन सिर्फ तीन सीट ही प्राप्त कर सकी थी।
भाजपा का पश्चिम बंगाल में असली ताकत प्रदर्शन 2019 के लोकसभा चुनाव में किया जब पार्टी को 41% मत मिला और 18 सीटें जीतने में कामयाब हुई। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 38% मत मिला और 77 सीटें जीतने में कामयाब हुई। भाजपा 201 सीटों पर दूसरे पायदान पर रही थी। भाजपा 2021 के विधानसभा के चुनाव में कुल राज्य के 294 सीटों में 278 सीटों पर सीधे मुक़ाबले में रही थी। भाजपा के लिए यह बड़ी सफलता थी क्योंकि सिर्फ 5 साल में पार्टी तीन से बढ़कर 77 सीट जीतने में कामयाब हुई। भाजपा 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जहाँ केवल 10 सीटों पर सीधे मुकाबले में थी, वहीं 2021 में 278 सीटों पर सीधे मुकाबले में आ गई। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव अपने उम्दा प्रदर्शन को जारी रखा और लगभग 39% वोट मतों के साथ और 12 लोकसभा की सीटें जीतने में कामयाब हुई।
भाजपा के लिए यक्ष प्रश्न
पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए यक्ष प्रश्न हैं की 2026 में पार्टी कैसे जीत हासिल करेगी। भाजपा किन मुद्दों को लेकर जनता के समक्ष जाएगी और ममता बनर्जी को घेरगी। वर्तमान चुनाव में राज्य में भाजपा के लिए घुसपैठ और अवैध प्रवास मुख्य चुनावी मुद्दा होगा। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के बड़े नेतागण बार-बार आरोप लगा रहे हैं कि ममता बनर्जी सरकार घुसपैठ को बढ़ावा दे रही हैं। इसके अलावा भाजपा जनसांख्यिकी बदलाव को भी बड़ा मुद्दा बनाएगी जो घुसपैठ से ही जुड़ा हुआ है।
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बंगाल में तेजी से बढ़ी मुस्लिम आबादी
बंगाल के सीमावर्ती जिलों में तेजी से मुस्लिम आबादी बढ़ रही है और यहां हिंदुओं की संख्या लगातार कम होती जा रही हैं। इसके अलावे भाजपा बंगाल की सुरक्षा से देश की सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी मजबूती से उठाएगी। इसका कारण पूरे भारत में सबसे ज्यादा घुसपैठ पश्चिम बंगाल के रास्ते से ही होती है और ये घुसपैठिए पश्चिम बंगाल से घुसकर देश के दूसरे राज्यों में फ़ैल जाते हैं। जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ती है। लेकिन ममता बनर्जी सीमा पर बाड़बंदी लगाने जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को सहयोग नहीं देती हैं।
ममता-मुस्लिम और तुष्टिकरण
इसके अलावा भाजपा का एक बड़ा मुद्दा ममता बनर्जी का मुस्लिम तुष्टिकरण भी होगा। ममता बनर्जी की पूरी राजनीति मुस्लिम वोट बैंक से पर ही टिकी हैं। ममता बनर्जी अपने बयानों और क्रियाकलापों से अपने ऊपर लगे इन आरोपों को सच साबित कर चुकी हैं। भाजपा के लिए आगामी चुनाव में महिला सुरक्षा का मुद्दा भी बहुत महत्वपूर्ण होगा। संदेशखाली की घटना, आरजी कर मेडिकल कॉलेज, रेप मर्डर केस हो या अन्य घटनाओं को भाजपा ममता सरकार की नाकामी बताकर जनमत लेने का प्रयास करेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि भाजपा सत्ता में आएगी तो महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का प्रमुख मुद्दा होगा।
यह मुद्दा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से प्रभावकारी होगा। भाजपा भ्रष्टाचार और अलग-अलग भर्ती घोटाले पर भी ममता सरकार को घेरेगी। शिक्षक भर्ती घोटाला, क्लर्क भर्ती घोटाला, कोयला तस्करी घोटाला पर भाजपा ममता बनर्जी को घेरेगी। भाजपा बेरोजगारी, विकास और कल्याणकारी योजनाओं की नाकामी जैसे मुद्दों को भी उठाएगी और राज्य में उद्योगों की कमी, सड़कें, शिक्षा और आवास जैसे मूल मुद्दे पर भी सरकार को घेरेगी। भाजपा केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में लागू न करने का आरोप भी ममता बनर्जी पर लगाएगी।

















