खाड़ी में चल रहे युद्ध का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बहुत ही बुरी तरह से हो रहा है। ईरान के द्वारा होर्मुज स्ट्रेट बंद किए जाने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कींमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से भी अधिक हो गई हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, आज (16 मार्च) ब्रेंट क्रूड की कीमतें 2.9% की तेजी के साथ लगभग $106.12 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। जबकि अमेरिकी क्रूड (WTI) 2.6% ऊपर चढ़कर $101.53 पर है। इस महीने दोनों ही बेंचमार्क में 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है, जो 2022 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
खाड़ी युद्ध का असर दिख रहा
तेल की कीमतों में यह उछाल मिडिल ईस्ट के हालात की वजह से है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही रोक दी है। यह जगह दुनिया के कुल तेल सप्लाई का करीब एक पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस वजह से सप्लाई में बड़ी कटौती हो गई है। इस बीच अब डोनाल्ड ट्रंप ने भी यह मान लिया है कि ईरान युद्ध उनकी उम्मीद से अधिक खिंच रहा है और यह अगले कई हफ्तों तक चल सकता है। उन्होंने दूसरे देशों से अपील की है कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित करने में मदद करें।
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ईरान के खर्ग द्वीप पर किया हमला
इसी सप्ताह अमेरिका ने ईरान के खर्ग आइलैंड पर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। यह आइलैंड ईरान के तेल निर्यात का करीब 90% देखता है। अब ट्रंप ने धमकी दी है कि ईरान ने होर्मुज में दखल देना बंद नहीं करता है तो वे खर्ग के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह और बर्बाद कर देंगे। हालांकि, अमेरिकी हमले के बाद ईरान की तरफ से फुजैराह (यूएई) के एक बड़े तेल टर्मिनल पर ड्रोन अटैक हुआ।
सप्लाई और रिस्पॉन्स
इस डिसरप्शन से तेल की उपलब्धता पर बड़ा असर पड़ा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने ऐलान किया है कि जल्द ही स्ट्रैटेजिक रिजर्व से 40 करोड़ बैरल से ज्यादा क्रूड रिलीज किया जाएगा। एशिया और ओशिनिया से सप्लाई तुरंत शुरू होगी, जबकि यूरोप और अमेरिका के स्टॉक मार्च के अंत तक रिलीज होंगे। यह कदम कीमतों को काबू में करने की कोशिश है।
















