ईरान युद्ध के कारण मध्य-पूर्व के हवाई क्षेत्रों में बंदी और पाबंदियां लग गई हैं, जिससे एयर इंडिया की उड़ानें खासकर पश्चिमी देशों की तरफ जाने वाली रूट्स काफी लंबी हो गई हैं। इस वजह से पायलटों को ज्यादा देर तक उड़ान भरनी पड़ रही है। इसलिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट के पायलटों के लिए अस्थायी रूप से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) में छूट दे दी है।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि पिछले माह 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने हमला कर दिया। इस युद्ध के शुरू होने के बाद से ईरान, इराक जैसे इलाकों का हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया है। इससे एयर इंडिया को सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों से उड़ानें भरनी पड़ रही हैं। अब यूरोप, यूके और अमेरिका जाने वाली उड़ानें मिस्र, ग्रीस या अन्य रास्तों से होकर जा रही हैं, जिससे उड़ान का समय 90 मिनट से 2 घंटे तक ज्यादा लग रहा है। कुछ गल्फ त्वरित वापसी वाली उड़ानों में भी फ्लाइंग टाइम 11.5 घंटे से ज्यादा हो गया है। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर पर फ्लाइट डेक सीट्स कम रिक्लाइन होती हैं, जिससे पायलटों को ज्यादा थकान होती है। पायलटों का कहना है कि ये सब “कमर तोड़” है, लेकिन युद्ध की वजह से मजबूरी है।
DGCA की छूट
ऐसे में DGCA ने एयर इंडिया के वाइड-बॉडी पायलटों को अस्थायी छूट दे दी है। इसमें फ्लाइट टाइम (FT) में 1.5 घंटे की बढ़ोतरी की गई है, यानी पायलट अब ज्यादा से ज्यादा 11.5 घंटे तक उड़ान भर सकते हैं। फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (FDP) में भी करीब 1.45 घंटे की छूट है। ये छूट सिर्फ तब तक के लिए है जब तक खाड़ी देशों का हवाई क्षेत्र बंद है। एयर इंडिया ने DGCA से ये छूट से जुड़ा सुरक्षा जोखिम के साथ मांगा था और ये सिर्फ शेड्यूल बनाए रखने और पैसेंजर्स को कम असुविधा देने के लिए है। DGCA ने युद्ध शुरू होने से ही ऐसी छूट कई एयरलाइंस को दी है।
क्या है एयर इंडिया का स्टैंड
एयर इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (फ्लाइट ऑपरेशंस) कैप्टन मनीष उप्पल ने पायलटों को एक सर्कुलर में लिखा कि मिडिल ईस्ट में सुरक्षा के हालातों को देखते हुए हवाई क्षेत्र एयरस्पेस बंद हैं। इसलिए शॉर्ट-हॉल, लॉन्ग-हॉल और अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल उड़ानें प्रभावित हैं। कुछ अल्ट्रा-लॉन्ग हॉल फ्लाइट्स में रोम में टेक्निकल स्टॉफ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रीरूटिंग से ब्लॉक टाइम बढ़ गया है, इसलिए FT और FDP में छूट लिया गया है। ये सिर्फ रेस्ट्रिक्शंस रहने तक के लिए है और सेफ्टी पहले है। कैप्टन उप्पल ने पायलटों की प्रोफेशनलिज्म की तारीफ की और उनकी चिंता को समझा।
















