खाड़ी संकट अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। ऐसा इसलिए कि ईरान ने एक बार फिर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर रहा है। यह फैसला इजरायल के दक्षिणी लेबनान में हमलों के बाद लिया गया है। इससे अमेरिका के साथ हाल ही में बने अस्थायी शांति समझौते पर असर पड़ सकता है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जहाजों को इस रणनीतिक जलमार्ग के पास न आने की चेतावनी दी। उन्होंने इजरायल के लेबनान में किए गए कथित अपराधों और अमेरिका द्वारा सीजफायर की प्रतिबद्धता न निभाने का हवाला दिया। यह जलडमरूमध्य पहले वैश्विक तेल और गैस सप्लाई का पांचवां हिस्सा ले जाया करता था। अभी साफ नहीं है कि यह धमकी अमल में आई या नहीं। स्विट्जरलैंड में रविवार को होने वाली अमेरिका-ईरान बातचीत पर भी इसका असर पड़ सकता है। ये बातचीत अस्थायी समझौते को और विस्तृत बनाने के लिए थी, जिसमें ईरान का न्यूक्लियर कार्यक्रम शामिल है।
ट्रंप का बयान और अमेरिकी रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कोई टोल नहीं लगेगा। लेकिन अगर बातचीत नाकाम हुई तो टोल लगाने की भी संभावना जताई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि स्ट्रेट बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “ईरान इस स्ट्रेट को कंट्रोल नहीं करता। यातायात सामान्य है और हम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।”
लेबनान में हालात
शनिवार को इजरायली हमलों में दक्षिणी लेबनान में कम से कम 16 लोग मारे गए। लेबनान की सिविल डिफेंस एजेंसी ने बताया कि नबातिएह इलाके में सुबह से उनके लोग 16 शवों और 12 घायलों को अस्पताल पहुंचा रहे थे। इससे पहले शुक्रवार को हिंसा भड़की थी। हिजबुल्लाह ने एक टैंक पर हमला किया जिसमें चार इजरायली सैनिक मारे गए, जिनमें एक सीनियर अधिकारी भी था। हिजबुल्लाह का कहना था कि इजरायल ने सीजफायर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की थी।
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इजरायल ने जवाब में हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी में 83 लोग मारे गए। इजरायली सेना ने कहा कि वे हिजबुल्लाह के टारगेट्स पर हमला कर रहे थे, क्योंकि लेबनान से रॉकेट और प्रोजेक्टाइल दागे गए थे।
सीजफायर की स्थिति
शुक्रवार शाम को स्थानीय स्तर पर नए सीजफायर की खबर आई थी, लेकिन उसकी सही स्थिति अभी साफ नहीं है। हिजबुल्लाह ने कहा है कि अगर इजरायल सीजफायर मानेगा तो वे भी मानेंगे। लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि सीजफायर लागू हो गया है। हिजबुल्लाह के संसद सदस्य हसन फदलल्लाह ने कहा, “सीजफायर की बात हो रही है। हमारे लिए सबसे जरूरी है कि दुश्मन हमारे देश, गांवों पर हमला न करे और नई जगहों पर कब्जा न करने की कोशिश न करे।”
खतरा रहने तक दक्षिणी लेबनान में रहेगा आईडीएफ
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायली सैनिक तब तक दक्षिणी लेबनान में रहेंगे जब तक कोई खतरा बाकी है। हिजबुल्लाह कहता है कि इजरायल पूरी तरह वापस न जाए तो वे हमले रोकने को तैयार नहीं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्जरलैंड जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यूक्लियर मुद्दे और लेबनान सीजफायर पर प्रगति होगी। पाकिस्तान, जो मुख्य मध्यस्थ है, ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ेगी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करे। अस्थायी समझौते में 60 दिन का समय दिया गया है, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है।

















