यह हम सबका अनुभव है कि किसी झगड़े में चुगलखोरों की बड़ी भूमिका रहती है। गांव-घर में तो चुगली कुछ अधिक ही होती है। चाहे भाइयों के बीच मनमुटाव हो, चाहे दो पड़ोसियों के बीच झगड़ा हो, स्थानीय चुनाव हो या फिर अन्य विवाद चुगलखोर उन्हें हवा देते हैं और लड़ाई बढ़ जाती है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले स्थित मेढ़की गांव के लोग चुगलखोरों से कुछ ज्यादा ही परेशान हो रहे थे। हाल के दिनों में कुछ चुगलखोरों के कारण गांव का माहौल बिगड़ गया था। इससे बड़े तो परेशान हुए ही, साथ में बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हुई।
इन सबको देखते हुए गांव वालों ने एक बैठक की और उसमें निर्णय लिया गया कि यदि कोई चुगली करेगा, और उससे कोई विवाद होगा तो उस पर 5,001 रु. का दंड लगाया जाएगा। इस निर्णय से गांव के सभी लोग बेहद खुश हैं। उन्हें लग रहा है कि अब गांव में किसी चुगलखोर के कारण कोई अनावश्यक विवाद नहीं होगा।
बैठक में शामिल कुछ लोगों ने शराबियों का भी मुद्दा उठाया। कई लोगों ने विस्तार से बताया कि शराब पीकर लोग अपने घर-परिवार में अनेक तरह के विवाद करते हैं। आपस में झगड़ा करते हैं। कुछ शराबी सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी हरकतें करते हैं, जिनसे समाज की बदनामी होती है। इन बातों को सुनकर बैठक ने शराबियों के विरुद्ध भी निर्णय सुनाया। इसके अनुसार सामाजिक और धार्मिक भोज के कार्यक्रम के दौरान अगर कोई भी व्यक्ति शराब पीता है तो उस पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
बैठक में यह भी सवाल उठा कि यदि किसी चुगलखोर या शराबी पर जुर्माना लगता है और उसे वह भर देता है, तो वह पैसा कौन रखेगा, कहां खर्च होगा! लगे हाथ यह तय किया गया कि जुर्माने की राशि को गांव के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीणों की एक बैठक होगी। उसमें जो निर्णय लिया जाएगा, उस पर अमल होगा। गांव के संदर्भ में जितने भी नियम तय किए गए, उनकी महीने में एक बार समीक्षा भी होगी।
ओरमा-मेढ़की पंचायत की सरपंच मंजुलता साहू का कहना है कि कुछ लोग आपसी मनमुटाव और छोटी-छोटी बातों पर एक-दूसरे से उलझ जाते हैं। कुछ लोग नशा करके किसी के भी विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करते हैं। इससे गांव का वातावरण दूषित होता है, गांव का सौहार्द बिगड़ता है। इसलिए कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे।
बैठक में शामिल प्रमुख लोगों ने सभी ग्रामीणों से अनुरोध किया कि वे गांव में शांति, भाईचारा, समरसता स्थापित करने के लिए नियमों का पालन अवश्य करें।
उम्मीद है कि ग्रामीणों की यह नई पहल गांव के लोगों के लिए नई सुबह लेकर आएगी और उन्हें गांव के स्तर पर किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
















