ईरान में तेल ठिकानों पर हुए हमलों के बाद वातावरण में जहरीले धुएं के घने बादल फैल गए हैं। इस स्थिति को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने संभावित ‘ब्लैक रेन’ यानी जहरीली बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार ऑयल डिपो पर हमलों के बाद हवा में बड़ी मात्रा में जहरीले रसायन फैल गए हैं। इन रसायनों में टॉक्सिक हाइड्रोकार्बन, सल्फर ऑक्साइड और नाइट्रोजन यौगिक शामिल हैं, जिनके कारण तेल मिश्रित बारिश होने की आशंका है। संगठन ने चेतावनी दी है कि इस प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द, आंखों और त्वचा में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे जहरीले प्रदूषण के संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
WHO ने लोगों को घरों में रहने की सलाह दी
डब्ल्यूएचओ ने ईरान के नागरिकों से सतर्क रहने और संभव हो तो घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। साथ ही लोगों को प्रदूषित बारिश से बचने और मास्क जैसे सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की भी अपील की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल ठिकानों पर लगी आग और धुएं पर जल्द काबू नहीं पाया गया, तो इसका असर आसपास के क्षेत्रों के पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर लंबे समय तक पड़ सकता है।

















