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जल संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाना होगा : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण को जीवन और व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।

Written byएजेंसीएजेंसी — edited by Shivam Dixit
Mar 11, 2026, 04:05 pm IST
inदिल्ली
President

President

नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और हमें जल को केवल उपयोग की वस्तु के रूप में नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की अमूल्य धरोहर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल संरक्षण को जीवन और व्यवहार का अभिन्न हिस्सा बनाना आवश्यक है।

राष्ट्रपति ने बुधवार को यहां आयोजित जल महोत्सव 2026 में भाग लेते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारत में जल केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं है बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं, आजीविका और सामुदायिक जीवन से भी जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गांवों में लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को पीने का पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना केवल सुविधा का विषय नहीं था बल्कि समय, स्वास्थ्य और सम्मान से भी जुड़ा था। इन चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की, जिसके माध्यम से अब ग्रामीणों को अपने घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जब किसी संसाधन की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ पूरा समाज मिलकर उठाता है, तब उसका संरक्षण अधिक प्रभावी और स्थायी होता है। जल प्रबंधन और संरक्षण में सामुदायिक स्वामित्व की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘जल अर्पण दिवस’ के तहत जल आपूर्ति ढांचे को ग्राम पंचायतों को सौंपने से सामुदायिक स्वामित्व की भावना और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह जल परीक्षण, संचालन और रखरखाव जैसे कार्यों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। इन समूहों की प्रतिबद्धता और समर्पण से महिलाओं और समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की क्षमता का उपयोग जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बहुआयामी और समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के साथ समन्वय कर ग्रे-वॉटर प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही जल संरक्षण के लिए केंद्रीय भूजल बोर्ड तथा अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘कैच द रेन’ और ‘जल संचय जन भागीदारी’ जैसे अभियान वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस प्रकार के समन्वित प्रयास देश की जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।

राष्ट्रपति ने कहा कि युवा पीढ़ी में जल प्रबंधन और संरक्षण के प्रति जागरूकता भविष्य में देश की जल सुरक्षा को मजबूत करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘जल महोत्सव’ भारत की जल सुरक्षा के लिए जनआंदोलन का माध्यम बनेगा।

उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा 8 मार्च से 22 मार्च तक ‘जल महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल सेवाओं में जनभागीदारी और सामुदायिक स्वामित्व को मजबूत करना है।

Topics: Droupadi MurmuPresidentWater ConservationEnvironment ProtectionSustainable development
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