चंडीगढ़ । पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम “सशक्त पंचायत महिला नेत्री अभियान” में कल एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रशिक्षण सत्र भारत के पंचायत मंत्री ललन सिंह , सचिव विवेक भारद्वाज, अपर सचिव सुशील लोहानी की लीडरशीप में आयोजित होने जा रहा है।
इस अभियान के तहत प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एवं हरियाणा के जींद जिले के बीबीपुर गांव के सुप्रसिद्ध पूर्व सरपंच सुनील जगलान द्वारा तैयार किया गया “धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम” देश भर के सरपंचों, विशेषकर महिला सरपंचों को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण के रूप में शामिल किया गया है।
सुनील जागलान का महिला सशक्तिकरण में योगदान
श्री सुनील जागलान वर्ष 2010 से 2015 तक बीबीपुर गांव के सरपंच रहे और इस दौरान उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए। उनके द्वारा शुरू किया गया “सेल्फी विद डॉटर” अभियान विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हुआ, जिसकी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में सराहना की तथा पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने भी इसकी प्रशंसा की। बीबीपुर मॉडल ऑफ विमेन एम्पॉवरमेंट एंड विले डेवलपमेंट को राष्ट्रपति भवन द्वारा अपनाया गया और देश भर की कई पंचायतों ने इसे लागू किया। श्री जगलान ने 15 वर्षों के अनुभव, 10 हजार से अधिक गांवों की यात्रा तथा सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के माध्यम से ग्रामीण भारत में लैंगिक समानता, महिला नेतृत्व एवं ग्राम विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है।
“धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम” का उद्देश्य
“धुरंधर सरपंच लीडरशिप प्रोग्राम” विशेष रूप से सरपंच पति की कुरीति (जिसमें पति सरपंच की पत्नी के नाम पर पंचायत चलाते हैं) को समाप्त करने, महिला सरपंचों को वास्तविक नेतृत्व प्रदान करने तथा गांवों को महिला एवं बालिका हितैषी बनाने पर केंद्रित है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरपंच संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक-आर्थिक समझ, बाजार की बारीकियों, प्रेस एवं संचार के उपयोग तथा प्रभावी ग्राम विकास योजनाओं पर प्रशिक्षित होंगे। श्री जागलान ने बताया, “पंचायती राज मंत्रालय अब महिलाओं की नेतृत्व क्षमता को विकसित भारत के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है। पूर्व में 2010-2015 की तुलना में आज मंत्रालय महिला सरपंचों को सशक्त करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।”
देशभर के सरपंचों के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला
यह राष्ट्रीय कार्यशाला देश के विभिन्न राज्यों एवं जिलों से आए सरपंचों को एक मंच पर लाएगी, जहां वे धुरंधर सरपंच बनने की दिशा में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। दिसंबर माह से सुनील जागलान देश भर में इस कार्यक्रम की ट्रेनिंग दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण स्तर पर लैंगिक समानता, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
सशक्त महिला नेतृत्व से विकसित भारत की दिशा
जागलान का मानना है कि सशक्त महिला नेतृत्व ही विकसित भारत का आधार बनेगा। यह कार्यक्रम न केवल सरपंच पति प्रथा जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने में सहायक होगा, बल्कि गांवों को समावेशी, समृद्ध एवं न्यायपूर्ण बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
















