ईरान में चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी सीनेट में एक प्रस्ताव लाया गया, लेकिन वह पारित नहीं हुआ। इस प्रस्ताव में स्पष्ट था कि ट्रंप को ईरान के साथ चल रहे युद्ध को जारी रखने के लिए कांग्रेस की अनुमति लेनी पड़ेगी। यह प्रस्ताव 47-53 से पारित हुआ, जो ज्यादातर पार्टी लाइन्स पर बंटा था। लगभग सभी डेमोक्रेट्स ने प्रस्ताव का समर्थन किया, जबकि ज्यादातर रिपब्लिकन्स ने इसका विरोध किया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह वॉर पावर्स रेजोल्यूशन वर्जीनिया के डेमोक्रेट सीनेटर टिम केन ने पेश किया था। इसका उद्देश्य अमेरिका की मौजूदा एयर और नेवल कैंपेन को ईरान के खिलाफ रोकना था। साथ ही ये भी सुनिश्चित करना था कि भविष्य में कोई भी सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी हो तो राष्ट्रपति को कांग्रेस से पहले मंजूरी लेनी पड़ेगी। यह प्रस्ताव 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के तहत लाया गया था, जो कांग्रेस को युद्ध शुरू करने या जारी रखने पर नियंत्रण देने की कोशिश करता है। वोट में सिर्फ एक डेमोक्रेट, पेंसिल्वेनिया के जॉन फेटरमैन ने विरोध किया। रिपब्लिकन्स में से सिर्फ केंटकी के रैंड पॉल ने समर्थन किया।
टिम केन की चेतावनी-क्षेत्र में फैल सकती है अराजकता
टिम केन ने कहा कि सीनेट को युद्ध पर बहस और वोट करना चाहिए, जैसा संविधान में कहा गया है। उन्होंने जोर दिया कि अमेरिकी जानें जा चुकी हैं और क्षेत्र में अराजकता फैल रही है, जो और बड़ा हो सकता है। कनेक्टिकट के डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि रिपब्लिकन्स ने अफगानिस्तान और लीबिया जैसी पुरानी गलतियों से कुछ नहीं सीखा। उन्होंने अमेरिका की मिडिल ईस्ट में हब्रिस (घमंड) की आलोचना की।
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि ईरान का शासन अपना एजेंडा नहीं छोड़ेगा, और आयतोल्लाह को धार्मिक नाजी बताया। पूर्व सीनेट लीडर मिच मैककोनेल ने कहा कि राष्ट्रपति के पास कमांडर-इन-चीफ के तौर पर मिलिट्री फोर्स इस्तेमाल करने की अधिकार हैं, भले कांग्रेस की पूर्व मंजूरी हो या न हो। ट्रंप की कार्रवाई को उन्होंने वैध बताया। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा कि युद्ध रोकना खतरनाक होगा।
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हाउस में स्थिति
हाउस में रिपब्लिकन थॉमस मैसी और डेमोक्रेट रो खन्ना ने एक समान प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर गुरुवार को वोट होना है। लेकिन रिपब्लिकन लीडर्स इसका विरोध कर रहे हैं, इसलिए इसे पास होने की उम्मीद कम है। अगर दोनों सदनों से पास भी हो जाता है, तो ट्रंप वेटो कर सकते हैं, और ओवरराइड के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए।

















