अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनका बयान चीन, ईरान और वेनेज़ुएला को लेकर सामने आया है। चीन दौरे पर रवाना होने से पहले ट्रंप ने कई ऐसे बयान दिए, जिनसे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
ट्रंप मंगलवार को चीन के लिए रवाना हुए, जहां उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होनी है। दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात लंबे समय बाद होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान व्यापार, ईरान युद्ध और दोनों देशों के रिश्तों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह ईरान के मुद्दे पर शी जिनपिंग से लंबी बातचीत करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को इस मामले में चीन की मदद की जरूरत नहीं है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी तरह इस स्थिति से निपट लेगा।
ईरान मुद्दे पर चीन से चर्चा
ईरान पर हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। मामला शांत कराने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला है। ऐसे में चीन की भूमिका अहम मानी जा रही है, क्योंकि उसके ईरान के साथ अच्छे संबंध हैं और वह ईरानी तेल का बड़ा खरीदार भी है। ट्रंप लंबे समय से चीन पर दबाव बना रहे हैं कि वह ईरान को अमेरिका के साथ समझौते के लिए तैयार करे। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान का मामला काफी हद तक अमेरिका के नियंत्रण में है।
वेनेज़ुएला पर ट्रंप की पोस्ट से चर्चा
इसी बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर वेनेज़ुएला का एक नक्शा पोस्ट किया। इस तस्वीर में अमेरिकी झंडा बना हुआ था और उस पर “51st State” यानी “51वां राज्य” लिखा था। इसके बाद दुनियाभर में इस पोस्ट की चर्चा शुरू हो गई। यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई, जब वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा था कि उनका देश कभी भी अमेरिका का 51वां राज्य बनने के बारे में नहीं सोच सकता। ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि वह वेनेज़ुएला को अमेरिका का नया राज्य बनाने पर विचार कर रहे हैं। वेनेज़ुएला इस समय आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। वहां तेल के बड़े भंडार होने के बावजूद आर्थिक हालात खराब हैं। राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अमेरिका के साथ संबंध बेहतर बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने तेल और खनन क्षेत्रों को विदेशी कंपनियों, खासकर अमेरिकी कंपनियों, के लिए फिर से खोलने की शुरुआत की है। वहीं, देश में विपक्ष लगातार चुनाव कराने की मांग कर रहा है। हालांकि रोड्रिगेज ने चुनाव को लेकर कोई साफ समय नहीं बताया है।
















