अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मनमाने तरीके से कार्रवाई करके पहले वेनेजुएला जैसे संप्रभु राष्ट्र को कुचल दिया। अब वो पिछले तीन माह से भी अधिक वक्त से ईरान से लड़ रहे हैं। उन्होंने ईरान में काफी तबाही मचाई। लेकिन वो जिस तरह की सफलता चाहते हैं, उन्हें वो मिल नहीं रही है। उनके ही घर में उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामले में ट्रंप की मनमानियों को लेकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण वोटिंग हुई। सांसदों ने 215-208 के अंतर से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन पास कर दिया। इसका मकसद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में आगे बढ़ने से पहले कांग्रेस की मंजूरी लेना अनिवार्य करना है। अगर मंजूरी नहीं मिली तो अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाना होगा।
यह वोट ट्रंप के लिए एक साफ संदेश था। चार रिपब्लिकन सांसदों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर वोट दिया। ये चार थे – केंटकी के थॉमस मैसी, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, ओहियो के वॉरेन डेविडसन और मिशिगन के टॉम बैरेट।
पहले हार के डर से रद्द कर दी थी वोटिंग
द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो हफ्ते पहले रिपब्लिकन नेतृत्व ने वोट को रद्द कर दिया था क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वे हार जाएंगे। अब चौथी बार हाउस में यह रेजोल्यूशन पास हुआ है। ईरान के साथ संघर्ष अब 90 दिनों से ज्यादा चल चुका है। 1973 के वॉर पावर्स एक्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति को 90 दिनों के बाद कांग्रेस की अनुमति लेनी पड़ती है अगर युद्ध जारी रखना हो। व्हाइट हाउस कह रहा है कि 8 अप्रैल से सीजफायर है, इसलिए यह लागू नहीं होता। लेकिन यह सीजफायर कई बार टूट चुका है – अमेरिका, इजराइल और ईरान तीनों तरफ से।
अब सीनेट में ट्रंप की परीक्षा
यह रेजोल्यूशन अब सीनेट में जाएगा। सीनेट को वॉर पावर्स कानून के तहत इसे जल्दी निपटाना होगा। पिछले महीने सीनेट में भी चार रिपब्लिकन सीनेटर्स ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर एक समान प्रस्ताव आगे बढ़ाया था। हाउस डेमोक्रेटिक लीडर्स हाकीम जेफरीज, कैथरीन क्लार्क और पीट एगुइलर ने कहा कि उन्होंने बार-बार कोशिश की और आखिरकार यह पास हो गया। उन्होंने सीनेट के रिपब्लिकन्स से अपील की कि वे भी सही कदम उठाएं।
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मौजूदा हालात
ईरान के साथ तीन महीने से ज्यादा का यह संघर्ष अभी भी जारी है। ट्रंप और उनके अधिकारी बार-बार कह रहे हैं कि समझौता लगभग हो चुका है और ईरान बहुत बेचैन है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अप्रैल की शुरुआत से shaky ceasefire चल रहा है, लेकिन बीच-बीच में छोटी-मोटी झड़पें होती रहती हैं। ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया है, जहां से दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। अमेरिका ने ईरानी जहाजों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा रखा है।
राजनीतिक माहौल
जनता में इस युद्ध का समर्थन बहुत कम है। पोल्स दिखाते हैं कि लोग चिंतित हैं, खासकर बढ़ते पेट्रोल की कीमतों को लेकर। रिपब्लिकन्स को डर है कि नवंबर के मिडटर्म चुनावों में यह मुद्दा उनके खिलाफ जा सकता है। ट्रंप ने पहले भी उन रिपब्लिकन्स पर हमला किया है जो उनकी आलोचना करते हैं। थॉमस मैसी तो हाल ही में पार्टी प्राइमरी हार गए, जिसमें ट्रंप ने उनके खिलाफ उम्मीदवार को समर्थन दिया था।
कुल मिलाकर यह वोट दिखाता है कि कांग्रेस में ट्रंप की पकड़ के बावजूद कुछ रिपब्लिकन्स अब अलग राय रखने लगे हैं। वोट का असर प्रतीकात्मक ही है क्योंकि वीटो ओवरराइड करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत है, जो यहां नहीं है। लेकिन यह एक शुरुआत जरूर है।
















