मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सामने आया यह मामला बता रहा है कि इस्लामिक कन्वर्जन के लिए कई तरीके प्रयोग में लाए जा रहे हैं। अक्सर बात ‘लव जिहाद’ की होती है, लेकिन यहां तो पता चल रहा है कि इस्लाम अपनाने के लिए लव जिहाद सिर्फ एक प्रयोग है। नाम बदलने से लेकर जिहादी मंदिरों में टीका लगाने, धोती-कुर्ता पहनने तक से पीछे नहीं रह रहे। सामने आए इस मामले में चंदन यादव समेत अमरीन (माहिरा), अफरीन (रजिया, आयशा) को गिरफ्तार किया गया है। तीन अन्य आरोपी बिलाल, चानू, यासिर फरार हैं।
संबंधित मामले में हुई एफआईआर बता रही है कि कैसे हिन्दू युवतियों के साथ छल किया गया, उन्हें भरोसे, लालच और दबाव के जाल में फंसाया गया। काम, दोस्ती और बेहतर जिंदगी के सपनों के नाम पर शुरू हुआ सिलसिला कथित तौर पर मतांतरण के दबाव, यौन शोषण और देह व्यापार तक जा पहुंचा और जब दो पीड़िताएं थाने पहुंचीं, तब इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
अमरीन और आफरीन बनाती थीं हिन्दू युवतियों को शिकार
मध्य प्रदेश पुलिस ने अमरीन और आफरीन नाम की दो सगी बहनों तथा उनके सहयोगी चंदन यादव जिसने इस्लाम कबूल कर लिया है को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर आरोप हैं कि धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना, नशीले पदार्थ देकर दुष्कर्म करना एवं करवाना, ब्लैकमेलिंग और युवतियों को अन्य शहरों में ले जाकर उनका शोषण करना इनका मुख्य काम है।
छत्तीसगढ़ की 21 वर्षीय ब्यूटीशियन पीड़िता की ओर से पुलिस को बताया गया कि 31 दिसंबर 2024 की एक बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात एक युवती हुई, समय के साथ दोस्ती गहरी होती है, साथ रहने का फैसला होता है और फिर वह अमरीन के घर रहने लगती है। कुछ ही महीनों में पीड़िता को एहसास होता है कि वह एक ऐसे माहौल में आ चुकी है, जहां दोस्ती की आड़ में दबाव और नियंत्रण का खेल चल रहा है।
पीड़िता के अनुसार, पहले भरोसा जीता गया। फिर जीवनशैली बदली गई। पब-लाउंज, महंगी पार्टियां, नए संपर्क और इसके बाद कथित दबाव का चक्र शुरू हुआ। आरोप है कि अगस्त 2025 में चंदन यादव उसे बहाने से घुमाने ले गया और दुष्कर्म किया। फिर उसे बदनामी की धमकी देकर चुप कराया गया। इसके बाद नवंबर में एक और झटका तब लगा, जब चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश किया गया और फिर से उसके साथ दुष्कर्म हुआ। दिसंबर में काम के नाम पर उसे अहमदाबाद ले जाया गया, जहां एक अन्य व्यक्ति पर भी शोषण का आरोप है।
हिन्दू युवतियों को लगाई जा रही ड्रग्स की लत
इसके बाद जनवरी 2026 में वह किसी तरह वापस अपने परिजनों के पास पहुंची और फिर साहस जुटाकर शिकायत दर्ज कराने अब थाने तक पहुंच सकी है। छत्तीसगढ़ की 21 वर्षीय ब्यूटीशियन ने भोपाल में इन तीन लोगों के खिलाफ रेप और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने की एफआईआर दर्ज कराई है। ड्रग्स की लत लगाने के आरोप भी पीड़िता ने लगाए हैं।
धकेला जा रहा देह व्यापार में
मामले में अमरीन और चंदन (मुस्लिम) की करतूतों के खिलाफ एक और 32 वर्षीय पीड़िता सामने आई है। उसने पुलिस को बताया कि शादी पार्टियों में वेटर का काम करती थी। 2025 में दिवाली के दिन उसकी अमरीन से आशिमा मॉल के पास मुलाकात हुई। उसने बताया कि उसे फिक्स इनकम का झांसा देकर घर में काम पर रखा गया। कुछ महीनों बाद कथित रूप से उसके साथ भी दुष्कर्म हुआ और देह व्यापार में धकेलने का दबाव बनाया गया।
पीड़िताओं की ओर से बताया गया कि अमरीन और आफरीन दोनों पीड़िताओं को गुजरात और मुंबई ले गई थीं। वहां भी उन्होंने अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। वे शराब पीने और एमडी ड्रग्स लेने के लिए भी दबाव डालती थीं।दोनों पीड़िताओं की शिकायतों में एक जैसी कहानी सामने आई है, जिसमें कि पहले आर्थिक मदद और सुरक्षित ठिकाने का भरोसा, फिर धीरे-धीरे अलगाव, दबाव और कथित शोषण। विरोध करने पर धमकी यहां तक दी गई कि कहीं कुछ कहा तो अंजाम बुरा होगा।
हिन्दू गरीब युवतियों पर जिहादियों की विशेष नजर
पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। जिसके बाद पुलिस की पूछताछ में अमरीन और आफरीन ने बताया कि उनकी नजर गरीब घरों की लड़कियों पर रहती। पहले मदद के नाम पर घरेलू काम के लिए रखती, उसके बाद उन्हें बेहतर लाइफ स्टाइल का सपना दिखाया जाता और फिर उकना इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। जिसकी कि फॉरेंसिक जांच जारी है। वहीं, पुलिस को अमरीन और आफरीन के देह व्यापार गिरोह से जुड़े होने के भी सबूत मिले हैं। उनके गिरोह में चंदन यादव के अलावा बिलाल और यासिर भी काम करते थे। दोनों पीड़िताओं से तीनों युवक कई बार रेप कर चुके। वे किसी को भी वारदात के बारे में बताने पर बदनाम करने की धमकी देते थे।
एफआईआर के अनुसार, युवतियों को मुंबई और गुजरात तक ले जाने के आरोप हैं। शराब और ड्रग्स के लिए दबाव डालने की बात भी दर्ज की गई है। पुलिस बिलाल, चानू और यासिर नामक अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। अब इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या नौकरी और ग्लैमर के सपनों के जरिए हिन्दू युवतियों को जाल में फंसाया जा रहा है? क्या सोशल मीडिया इस्लामिक अपराधियों के लिए नया माध्यम बन चुका है? क्या आर्थिक लालच और भावनात्मक निर्भरता को लव जिहाद एवं इस्लामिक कन्वर्जन का नया हथियार बनाया जा रहा है? फिलहाल मध्य प्रदेश के भोपाल की इन दो पीड़िताओं से जुड़ी घटनाओं में अभी कई परतें खुलनी बाकी हैं। पुलिस की जांच जारी है।
















