मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में समाजवादी पार्टी के नेताओं को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि सपा के नेता दुर्योधन की प्रतिमा लगाने की वकालत करते हैं। वे बाबर की कब्र में सजदा का समर्थन, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करते हैं। सीएम ने संसद में कांग्रेस व सपा के सांसदों की बातों का जिक्र किया और कहा कि हिंदुस्तान का खाएंगे, लेकिन वंदे मातरम नहीं गाएंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा में कोई वंदे मातरम का कोई अपमान नहीं कर सकता। कांग्रेस व सपा को वंदे मातरम का विरोध करने वालों को डंके की चोट पर कान पकड़ कर, धक्का देकर बाहर करना चाहिए। राष्ट्रगीत का विरोध करने वाले को हिंदुस्तान की धऱा पर रहने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए।
सीएम योगी का सपा पर हमला
सीएम योगी ने सदन में राजू पाल व उमेश पाल का नाम लेकर कहा कि उनकी हत्या हुई। सपा इनके हत्यारों और माफिया को गले का हार बनाकर चलती थी। आज अनावश्यक रूप से मुद्दा बनाकर सपा समाज में विद्वेष फैलाना चाहती है। सीएम ने सपाइयों से कहा कि सच बोलने-स्वीकारने की आदत डालनी चाहिए। सपा राष्ट्रद्रोहियों का महिमा मंडन, राष्ट्र नायकों का अपमान और गाजी मेले का समर्थन करती है। उन्होंने सपाइयों से कहा कि गाजी के पाप का बदला कैसे लिया जाना चाहिए, यह महाराज सुहेलदेव के शौर्य से सीखिए। हमारी सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का विराट स्मारक और आजमगढ़ में विश्वविद्यालय बनवाया।
विकास और सनातन आस्था के विरोधी
सीएम योगी ने सपा नेताओं पर कटाक्ष किया कि वे माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम, मथुरा-वृंदावन धाम के विकास का विरोध करते हैं। सपा शासन में तुष्टिकरण की पराकाष्ठा की गई। सपा ने कांवड़ यात्रा, जन्माष्टमी पर्व को थाने-जेल में मनाने और अयोध्या की 84 कोसी परिक्रमा को रोक दिया था। दीपोत्सव का विरोध किया। कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय में एफिडेविट दिया कि श्रीराम-श्रीकृष्ण मिथक थे। सपा रामभक्तों पर गोलियां चलवाती है। मंदिर निर्माण को रोकने के लिए कोर्ट में वकील खड़ा करती है। सीएम ने सपाइयों को चेताते हुए कहा कि सनातन आस्था को कोई कैद नहीं कर सकता है। आज अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बन गया है। पुनर्जागरण के इस मॉडल में विरासत भी है और विकास भी।
महाकुम्भ में यूपी की मदद से तमिल श्रद्धालुओं ने अनुभव किया आतिथ्य
सीएम योगी ने सदन में एक वाकया भी सुनाया। महाकुम्भ के दौरान तमिलनाडु से भी कुछ श्रद्धालु आए थे। चित्रकूट में एक गांव के पास उनकी बस खराब हो गई। वे हिंदी और स्थानीय लोग तमिल नहीं जानते थे। तमिलनाडु वाले भटक रहे थे, अंधेरा होने को था। गांव वालों को पता चला तो वे वहां पहुंचे। इशारों में उन्हें तमिलनाडु वालों की परेशानी पता चली। फिर गांव के लोग इन अतिथियों को साथ लेकर गांव आए। गांव के एक परिवार में शादी थी, जहां तमिलनाडु के लोगों को भोजन कराया गया और प्राइवेट बस से उन्हें प्रयागराज भिजवाया गया, फिर उनकी बस की ठीक करा के प्रयागराज भिजवाई गई। इन श्रद्धालुओं ने तमिलनाडु जाकर सोशल मीडिया पर लिखा कि हमारे नेता यहां यूपी के बारे में जो बोलते थे, वह भ्रम दूर हुआ। उन्होंने यूपी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमने महसूस कर लिया कि यूपी राम-कृष्ण की भूमि है। सीएम ने कहा कि जनता को भी सरकार की मंशा मालूम है, इसलिए जनता भी सहयोग कर रही है। हर कोई यूपी के बारे में आज अच्छा सोच रहा है, लेकिन 2017 के पहले ऐसा नहीं था।

















