नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक शख्स खुद के जिंदा होने का सबूत देने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। सरकारी रिकॉर्ड में उसकी पत्नी उसे मृत घोषित कर पिछले 10 वर्षों से विधवा पेंशन ले रही है। व्यक्ति अपने गले में ‘हम जिंदा हैं साहब’ की तख्ती लटाकर घूम रहा है। आइए पूरा मामला जानते हैं?
सरकारी कागजों में मृत पति से हर महीने गुजारा भत्ता भी ले रही पत्नी…
पत्नी कोर्ट के आदेश पर जीवित पति से हर महीने गुजारा भत्ता भी वसूल रही है। जबकि पति सरकारी कागजों में मर चुका है। भ्रष्टाचार के इस मामले ने सबको हैरान कर दिया है। यह मामला सिंगरौली जिले के बैढ़न जनपद अंतर्गत करसोसा गांव का है। यहां रहने वाले चंद्रबली पटेल की शादी 30 साल पहले अंजोरिया पटेल से हुई थी। पारिवारिक विवाद के कारण उसने दूसरी शादी कर ली और पहली पत्नी से अलग रहने लगा। 2014 में पहली पत्नी ने उसपर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया।
चंद्रबली का आरोप है कि उसकी पहली पत्नी अंजोरिया फर्जी दस्तावेज पेश कर खुद को विधवा बताकर 2014 से सरकारी विधवा पेंशन ले रही है। दूसरी तरफ 2018 में न्यायालय ने चंद्रबली को आदेश दिया कि वह अपनी पत्नी को 5000 रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता दे। तब से वह पहली पत्नी को हर महीने गुजारा भत्ते के पैसे भी दे रहा है। जबकि सरकारी कागजों में उसे मृत दिखाया गया है।
‘हम जिंदा हैं साहब’ की गुहार लगा रहा पति
चंद्रबली पटेल का कहना है कि वह हर जगह अपने जिंदा होने की गुहार लगा रहा है। थाने से लेकर कलेक्ट्रेट तक चक्कर काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद वह हाथ में पोस्टर और गले में तख्ती लगाकर घूम रहा है। उसकी तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो प्रशासन की नींद टूटी। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि किन अधिकारियों की मदद से जिंदा व्यक्ति को मरा हुआ दिखाया गया। इस पूरे मामले के बाद सरकारी तंत्र के वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल उठ रहा है।

















