असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ये आरोप उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न से जुड़े हैं, जो ब्रिटिश नागरिक हैं। सरमा का कहना है कि एक पाकिस्तान आधारित फर्म ने एलिजाबेथ को नौकरी दी थी और उनकी सैलरी पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख ने दी। ये बातें उन्होंने (8 फरवरी 2026 को) गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं।
क्या है पूरा मामला
ये पूरा मामला पिछले साल से चल रहा है। असम सरकार ने फरवरी 2025 में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी। इस टीम को अली तौकीर शेख की गतिविधियों की जांच करनी थी, जिन पर भारत विरोधी साजिश और देश के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप है। SIT ने सितंबर 2025 में अपना रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपा। रिपोर्ट में कुछ संवेदनशील जानकारी थी, लेकिन असम पुलिस की जांच सीमित थी। इसलिए असम कैबिनेट ने फैसला किया कि ये मामला गृह मंत्रालय (MHA) को भेजा जाए, ताकि NIA, IB या CBI जैसी केंद्रीय एजेंसियां आगे जांच करें। जरूरत पड़ी तो इंटरपोल की भी मदद ली जा सकती है।
गोगोई की पत्नी पर क्या हैं आरोप
सरमा के मुताबिक, एलिजाबेथ को एक पाकिस्तान स्थित फर्म ने हायर किया था। वो मार्च 2011 से मार्च 2012 तक पाकिस्तान में काम कर चुकी हैं। बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी सैलरी अली तौकीर शेख ने दी। शेख को सरमा ने “पाकिस्तानी एजेंट” बताया है। आरोप है कि एलिजाबेथ ने भारत में रहते हुए अलग-अलग मुद्दों पर जानकारी जुटाई और रिपोर्ट्स शेख को भेजीं। एक रिपोर्ट अगस्त 2014 की बताई गई, जिसमें कथित तौर पर IB की गोपनीय जानकारी का जिक्र था। साथ ही जलवायु से जुड़े कामों और सरकार के रिस्पॉन्स पर भी जानकारी शेयर करने का दावा है।
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कौन है अली तौकीर शेख
अली तौकीर शेख पाकिस्तानी नागरिक है। मुख्यमंत्री सरमा का कहना है कि उन्होंने 2010 से 2013 के बीच भारत में कम से कम 13 बार विजिट किया। वो वैश्विक स्तर पर भारत विरोधी नैरेटिव फैलाने का काम करते थे। आरोप है कि गोगोई और उनकी पत्नी के साथ उसके करीबी संबंध थे। शेख ने जांच शुरू होने के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से सभी पोस्ट्स डिलीट कर दिए थे, जिसे सरमा ने सबूत मिटाने की कोशिश बताया।
गौरव गोगोई भी गए थे पाकिस्तान
सरमा ने कहा कि गौरव गोगोई 2012 से 2016 के बीच पाकिस्तान गए थे, बिना केंद्र सरकार को सूचित किए। उस दौरान वो सोशल मीडिया से गायब रहे। एक व्यक्ति के पाकिस्तान जाने का सबूत मिला है, लेकिन फोन कॉल्स का रिकॉर्ड नहीं मिल सका। सरमा ने ये भी कहा कि मामला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। इसमें तीन लोग मुख्य हैं-एक पाकिस्तानी नागरिक (शेख), एक ब्रिटिश नागरिक (एलिजाबेथ) और एक सांसद (गोगोई)। कुछ जगहों पर धार्मिक कन्वर्जन का एंगल भी जोड़ा गया, लेकिन डिटेल्स नहीं दी गईं।

















