आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 6 फरवरी 2026 को एक बड़ा दावा किया है तिरुपति लड्डू के घी को लेकर। उन्होंने कहा कि पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार के समय, जो 2019 से 2024 तक चली, तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को सप्लाई किए गए घी में मिलावट थी। इस घी में शौचालय साफ करने वाले रसायनों (बाथरूम क्लीनर के केमिकल) का इस्तेमाल किया गया था।
क्या है आरोप
यह बात उन्होंने कुरनूल जिले के कलुगोटला गांव में एक सभा में कही। वहाँ वे पट्टादार पासबुक (भूमि दस्तावेज) बाँटने के कार्यक्रम में गए थे। नायडू ने कहा, “पांच साल तक वाईएसआरसीपी सरकार ने लड्डू बनाने के लिए बाथरूम क्लीनर जैसे रसायनों से बना घी इस्तेमाल किया।” उनका कहना था कि यह मिलावट सिर्फ तिरुपति लड्डू तक सीमित नहीं थी, बल्कि श्रीशैलम मंदिर को भी ऐसे ही मिलावटी घी की सप्लाई हुई।
मिलावट के बारे में और डिटेल
नायडू ने बताया कि घी में दो तरह के रसायन मिलाए जाते थे। कुछ रसायन वनस्पति (पौधों) से बने होते हैं, जो महंगे पड़ते हैं। लेकिन जानवरों की चर्बी (एनिमल फैट) सस्ती होती है, इसलिए उसका ज्यादा इस्तेमाल हुआ। उन्होंने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें एनिमल फैट की मौजूदगी बताई गई थी। साथ ही, 2022 में सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसमें मिलावट साफ दिखाई गई थी, लेकिन तब भी इसे रोकने की कोशिश नहीं हुई।
जगन मोहन रेड्डी पर साध निशाना
नायडू ने पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी पर तगड़ा हमला बोला। उनका कहना था कि पिछली सरकार ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की। उन्होंने जगन के चाचा और पूर्व टीटीडी चेयरमैन YB सुब्बा रेड्डी का नाम लिया, जिन्होंने पहले मिलावट की बात मानी थी। नायडू ने कहा कि YSRCP नेता अब दावा करते हैं कि सीबीआई और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने उन्हें क्लीन चिट दे दी, लेकिन असल में मिलावट हुई थी। अब की सरकार ने घी की क्वालिटी सुधार दी है, और पहले और अब के लड्डू में बहुत फर्क है।
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नायडू ने यह भी कहा कि YSRCP सरकार जनहित के मुद्दों पर काम करने की बजाय राजनीति करती थी। उन्होंने जगन की हाल की गुंटूर यात्रा का उदाहरण दिया, जिसमें लोगों को परेशानी हुई। साथ ही पुराने एक हादसे का जिक्र किया, जिसमें उनके काफिले ने एक व्यक्ति को कुचल दिया था और आमों को रौंदा गया था।
यह पूरा मामला तिरुपति लड्डू के घी में मिलावट के पुराने विवाद से जुड़ा है, जो काफी समय से चर्चा में है। नायडू का यह नया दावा SIT रिपोर्ट और चार्जशीट पर आधारित बताया जा रहा है, जिसमें सप्लायर द्वारा बाथरूम क्लीनिंग केमिकल खरीदने का जिक्र है।















