नई दिल्ली: यूपीआई (UPI) फ्रॉड पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नए नियम ला रहा है। जिसके तहत UPI धोखाधड़ी होने पर ग्राहकों को मुआवजा मिलेगा। आरबीआई यह कदम इसलिए उठा रहा है ताकि लोग UPI लेनदेने के प्रति सतर्क रहें और फ्रॉड होने पर उनको राहत भी मिल सके। RBI ऐसे ग्राहकों को 25 हजार रुपये तक मुआवजा देगा। आइए 5 बिंदुओं में इस नये नियम को समझते हैं।
#1. रिजर्व बैंक UPI फ्रॉड पर यह मुआवजा सिर्फ एक बार ही देगा। ऐसा नहीं है कि साल में आपके साथ कई UPI फ्रॉड हो जाए और आप सोच रहे हों कि हर बार मुआवजा मिलेगा। इस मुआवजे की लिमिट तय है।
#2. UPI फ्रॉड की स्थिति में अधिकतम 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। मुआवजा आपके नुकसान का 85 फीसदी या 25,000 रुपये जो भी कम हो, उतना होगा। अगर आपके साथ 50,000 रुपये का ऑनलाइन धोखाधड़ी हुई है तो 85 फीसदी के हिसाब से 42,500 रुपये बनते हैं। लेकिन मिलेंगे 25,000 रुपये ही क्योंकि यही अधिकतम सीमा है।
#3. आरबीआई यह कदम ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट में अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उठा रहा है। जल्द ही इसे लेकर ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी होगी। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह नियम इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग फ्रॉड में ग्राहक की जिम्मेदारी को लेकर भी जांच करेगा।
#4. 2017 में जारी निर्देशों के बाद से डिजिटल भुगतान और बैंकिंग तकनीक में तेजी से बदलाव आया है। इसलिए RBI ने इन निर्देशों की समीक्षा कर संशोधित निर्देशों का मसौदा तैयार किया है।
#5. रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कार्ड और इंटरनेट से जुड़े फ्रॉड के 13,469 मामले सामने आए थे। इनमें 5.2 अरब रुपये का नुकसान हुआ। इससे पहले 2023-24 में 29,080 फ्रॉड हुए थे और 14.57 अरब रुपये का नुकसान हुआ था। इसलिए RBI डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित करने और ग्राहकों को सतर्क करने व नुकसान से राहत के लिए नये नियम ला रहा है।












