डिजिटल लेनदेन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ डिजिटल फ्रॉड की घटनाओं में भी तेजी आ रही है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने UPI और अन्य डिजिटल भुगतान में फ्रॉड होने पर उपभोक्ताओं को मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है। UPI फ्रॉड होने के मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम डिजिटल लेनदेन के कारण होने वाले नुकसान से आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
UPI फ्रॉड पर मिलेगा 25,000 रुपये तक का मुआवजा
RBI ने यह प्रस्ताव किया है कि छोटे मूल्य वाले डिजिटल फ्रॉड (यूपीआई/ई-बैंकिंग) में ग्राहक को हुए नुकसान पर बैंक 25,000 रुपये तक का मुआवजा दें। इसका उद्देश्य डिजिटल लेनदेन के दौरान होने वाली धोखाधड़ी से आम लोगों को सुरक्षा देना है।
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का कहना है कि ग्राहक सुरक्षा के लिए तीन मसौदा दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। इनमें मिस-सेलिंग, लोन वसूली एजेंटों की नियुक्ति और अनधिकृत लेनदेन में ग्राहक की लायबिलिटी को सीमित करने जैसे विषय शामिल होंगे।
किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी बदलाव का विचार
बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर तक UPI के माध्यम से रिकॉर्ड 230 लाख करोड़ रुपये तक का लेनदेन हुआ। वहीं RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रहेंगी। आरबीआई ने एमएसएमई सेक्टर और किसानों के लिए कर्ज लेना आसान बनाने के संकेत भी किए हैं। वहीं RBI किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों में बदलाव का भी विचार कर रहा है। अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया जा रहा है। इसका मकसद ज्यादा किसानों तक सस्ते कर्ज को आसानी से पहुंचाना है। RBI इसके बारे में एक पोर्टल जारी करेगा।












