नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। डोनाल्ड ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान या तो समझौता करे या फिर सैन्य रास्ते पर आगे बढ़े। ट्रंप की इस धमकी के बाद माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका का युद्ध और भीषण हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण से मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा। लेकिन यह विकल्प है। उन्होंने कहा कि क्या हम भारी बल प्रयोग करके ईरान को खत्म कर देना चाहते हैं या हम कुछ और करना चाहते हैं?
ट्रंप ने कहा- ईरान करना चाहता है सौदा, पर मैं संतुष्टि नहीं हूं…
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए प्रस्ताव पर असंतोष जताया है। दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पा रही है। दोनों ही देश एक-दूसरे के प्रस्तावों पर सहमत नहीं है इससे बातचीत बार-बार ठंडे बस्ते में पड़ रही है। अब ट्रंप ने साफ कह दिया है कि ईरान अगर समझौता नहीं करता है तो युद्ध के रास्ते पर आगे बढ़े।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान एक सौदा करना चाहता है लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। इसलिए हम देखेंगे कि क्या होता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर द्वारा दी गई ब्रीफिंग के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि या तो हम ईरान को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहते हैं? या हम एक समझौता करने की कोशिश करना चाहते हैं। ये ही विकल्प हैं।
ट्रंप ने किया ईरान के नेतृत्व में आतंरिक फूट का दावा
डोनाल्ड ट्रंप का यह भी कहना है कि ईरान के नेतृत्व के भीतर आंतरिक फूट पड़ चुकी है। उन्होंने दावा किया कि यह फूट और असहमति बातचीत की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। ईरानी नेतृत्व बहुत बिखरा हुआ है। इसके दो से तीन समूह हैं, शायद चार, और यह एक बहुत ही बिखरा हुआ नेतृत्व है। यह कहने के साथ ही, वे सभी एक सौदा करना चाहते हैं, लेकिन वे सभी गड़बड़ा गए हैं। इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला किया था। उन्होंने ईरान को गटर के पाइप में रहने वाले चूहे बताया था। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका का दुनिया के सबसे अहम जल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। जब तक 27 फरवरी से पहले जैसी नौवहन की स्वतंत्रता बहाल नहीं हो जाती, तक तक नाकाबंदी जारी रहेगी।

















