नई दिल्ली । देश की राजधानी दिल्ली में राशन कार्ड घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा विधायक हरीश खुराना ने आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीते दस वर्षों में गरीबों के हक के राशन का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है। उनके मुताबिक जांच में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
चौंकाने वाले आंकड़े
हरीश खुराना ने बताया कि रेखा गुप्ता सरकार ने एक समिति बनाकर राशन कार्ड जांच कराई, जिसमें खुलासा हुआ कि 4.78 लाख राशन कार्ड धारकों को गलत तरीके से राशन दिया गया। इन कार्डों से जुड़े करीब 16 लाख लाभार्थी थे, जो नियमों के अनुसार पात्र नहीं थे।
कंपनी डायरेक्टर, जमीन और वाहन मालिक भी ले रहे थे राशन
जांच में यह भी सामने आया कि 19,646 राशन कार्ड धारक किसी न किसी कंपनी के निदेशक हैं। इसके अलावा 1.19 लाख कार्ड धारक भूमि के मालिक पाए गए, जबकि 70 हजार से अधिक वाहन मालिक भी सरकारी राशन का लाभ ले रहे थे। भाजपा विधायक ने सवाल उठाया कि ऐसे लोगों को गरीबों की श्रेणी में कैसे शामिल किया गया।
GST होल्डर और मृतकों के नाम पर भी राशन कार्ड
हरीश खुराना के अनुसार, जांच में 2700 राशन कार्ड धारक ऐसे निकले जो GST होल्डर हैं और जिनका टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। यही नहीं, 6038 मृत लोगों के नाम पर भी राशन कार्ड बने हुए थे, जिनसे लगातार राशन उठाया जा रहा था।
नोटिस के बावजूद नहीं मिले जवाब
सरकार ने 2.76 लाख राशन कार्ड धारकों को नोटिस जारी किए, लेकिन उनमें से सिर्फ 227 लोगों ने ही जवाब दिया। खुराना ने सवाल किया कि जब पात्रता ही नहीं थी तो आप सरकार के 10 साल के कार्यकाल में इन्हें राशन कैसे मिलता रहा।
उन्होंने इसे सीधे तौर पर राशन घोटाला करार दिया।
श्वेत पत्र लाने की मांग, मुख्यमंत्री को लिखा जाएगा पत्र
भाजपा विधायक ने कहा कि दिल्ली सरकार को राशन कार्ड को लेकर एक श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि बीते दस वर्षों में गरीबों का राशन आखिर किन लोगों को मिलता रहा।
उन्होंने ऐलान किया कि इस मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे, ताकि पूरे मामले की सच्चाई जनता के सामने आ सके।

















