मथुरा जनपद में नौहझील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद बच्चों को कंवर्जन करने के लिए उकसा रहा था। आरोप यह भी है कि जान मोहम्मद बच्चों को राष्ट्रगान के बजाय नमाज पढ़वा रहा था। जान मोहम्मद को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है।
प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद पर आरोप है कि उसने छोटे छोटे बच्चों को कंवर्जन के लिए उकसाया। जान मोहम्मद बच्चों से कहता था कि वे अपने माता पिता से घर जाकर इस्लाम मजहब अपनाने के लिए कहें। जान मोहम्मद प्रातः काल होने वाली प्रार्थना भी नहीं कराता था। जान मोहम्मद सुबह के समय राष्ट्रगान करने पर बच्चों को डांटता था। जान मोहम्मद ने विद्यालय में कभी भी कभी राष्ट्रगान नहीं कराया। यह भी बताया गया है कि जान मोहम्मद से मिलने कुछ मौलाना आया करते थे। वो लोग बच्चों को कंवर्जन के लिए उकसाते थे।
भाजपा के नेता दुर्गेश प्रधान ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद की लिखित शिकायती की थी।दुर्गेश प्रधान ने अपनी शिकायत में कहा था कि विद्यालय नौहझील प्रथम में प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद बच्चों को कंवर्जन के लिए उकसाया रहा है। जान मोहम्मद बच्चों का ब्रेनवॉश करके बच्चों से नमाज पढ़वाता है और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करता है। जान मोहम्मद कहता है कि हिंदू धर्म, जाहिल लोगों का धर्म है। जान मोहम्मद विद्यालय में कन्वर्जन की गतिविधियां चला रहा है।
मथुरा जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी को सौंपी है। बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने बताया कि प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को जांच में प्रथमदृष्टया दोषी पाया गया है। प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को मांट के प्राथमिक विद्यालय नगला हिमायूं से संबद्ध कर दिया गया है।
















