भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राउरकेला में एंटरप्राइज ओडिशा 2026 के रजत जयंती संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि पश्चिम ओडिशा अब विकास की “अगली सीमा” नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन बन चुका है। इस आयोजन के दौरान ₹8,884 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ और शिलान्यास किया गया, जिससे 6,832 रोजगार सृजित होंगे। इसे ओडिशा की औद्योगिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पश्चिम ओडिशा की कई औद्योगिक परियोजनाएँ राष्ट्र को समर्पित कीं।
उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र राज्य के आर्थिक परिवर्तन में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है और निवेश, विनिर्माण तथा रोजगार सृजन का उभरता केंद्र बन रहा है। कार्यक्रम के दौरान ₹52,026 करोड़ के समझौता ज्ञापन (एमओयू) और निवेश प्रस्ताव हासिल हुए, जिनसे 20,427 संभावित रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। अधिकारियों ने इसे पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक विकास को गति देने वाला कदम और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत बताया। इस अवसर पर टाटा स्टील, एमसीएल, जेएसडब्ल्यू, वेदांता, डालमिया सीमेंट, सेल, एएमएनएस और राउरकेला चैंबर ऑफ कॉमर्स समेत कई प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया। पश्चिमी ओडिशा के औद्योगिक विस्तार के इस महत्वपूर्ण क्षण के साक्षी बनने के लिए 500 से अधिक हितधारक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटरप्राइज ओडिशा का रजत जयंती संस्करण उत्कृष्टता और प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित नई सोच का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा देश के सर्वश्रेष्ठ औद्योगिक गंतव्यों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस वर्ष की थीम “ओडिशा: रहने, काम करने और व्यवसाय के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास केवल रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जीवन स्तर को बेहतर बनाने और व्यापार सुगमता के साथ जीवन सुगमता सुनिश्चित करने का माध्यम भी बनना चाहिए। उनके अनुसार औद्योगिक प्रगति का लाभ हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए। राज्य की औद्योगिक रणनीति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में एंकर उद्योग स्थापित कर उनके आसपास मजबूत एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रही है।
ये इकाइयाँ आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स, निर्माण, रखरखाव, पैकेजिंग और तकनीकी सहयोग में भूमिका निभाएँगी। इससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिलेगा और पलायन कम होगा। कार्यक्रम के तहत ₹5,708 करोड़ के निवेश वाली 11 परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिनसे 4,183 रोजगार सृजित होंगे। वहीं ₹3,176 करोड़ की लागत वाली 9 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनसे 2,649 रोजगार मिलने की संभावना है। राउरकेला दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राउरकेला चैंबर ऑफ कॉमर्स, ओडिशा स्पॉन्ज आयरन मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन और रांची-रायपुर के प्रतिनिधिमंडलों के साथ तीन महत्वपूर्ण गोलमेज बैठकों में भाग लिया। इन बैठकों में रायपुर–रांची–राउरकेला करिडोर के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग और साझा विकास संभावनाओं पर जोर दिया गया।
इन चर्चाओं के दौरान ₹43,349 करोड़ के 22 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनसे 18,985 संभावित रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा ₹8,677 करोड़ के पाँच निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे 1,442 रोजगार की संभावना है। मुख्यमंत्री ने ढेंकनाल जिले के कामाख्यानगर में वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड को 1,447.927 एकड़ भूमि आवंटन पत्र भी सौंपा। यह भूमि कंपनी की प्रस्तावित 3 एमटीपीए एल्युमिनियम स्मेल्टर और 4,900 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट परियोजना के लिए दी गई है, जिसे उच्च स्तरीय मंजूरी प्राधिकरण ने स्वीकृति दी है। उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने कहा कि एंटरप्राइज ओडिशा 2026 का उद्देश्य निवेश को जमीन पर उतारना और उत्पादन शुरू करना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विस्तार को कुशल मानव संसाधन का समर्थन मिलना जरूरी है, इसलिए लक्षित कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए उद्योग की मांग के अनुरूप कार्यबल तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों ने एंटरप्राइज ओडिशा के 25वें संस्करण को राज्य की औद्योगिक यात्रा का निर्णायक क्षण बताया। पश्चिमी ओडिशा पर नए फोकस और संतुलित क्षेत्रीय विकास की रणनीति के साथ ओडिशा निवेश, रोजगार और समावेशी विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य 2036 तक समृद्ध ओडिशा के विजन को साकार करना है। कैप्शन: राउरकेला में एंटरप्राइज ओडिशा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी।

















