नई दिल्ली (हि.स.) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत तेजी से ग्लोबल साउथ और दुनिया के बीच एक प्रमुख एविएशन गेटवे के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में किए जा रहे व्यापक सुधारों के कारण भारत आज निवेशकों, निर्माताओं और नवाचारकर्ताओं के लिए बड़े अवसरों का केंद्र बन गया है।
विंग्स इंडिया 2026 कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित
प्रधानमंत्री तेलंगाना के हैदराबाद में आयोजित विंग्स इंडिया 2026 कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का विमानन क्षेत्र आज बड़े पैमाने, नीति स्थिरता और तकनीकी महत्वाकांक्षा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है।
वैश्विक निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने का आह्वान
उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसे देश हैं जहां विमानन उद्योग के लिए इतनी व्यापक संभावनाएं मौजूद हों। उन्होंने वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत से आह्वान किया कि वे भारत की विकास यात्रा में दीर्घकालिक भागीदार बनें और वैश्विक विमानन क्षेत्र की प्रगति में योगदान दें।
मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और एयर कार्गो पर विशेष फोकस
मोदी ने कहा कि भारत न केवल विभिन्न शहरों और क्षेत्रों को आपस में जोड़ रहा है, बल्कि मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के जरिए शहरों को बंदरगाहों और बाजारों से भी जोड़ रहा है। भारत की एविएशन विजन केवल यात्री परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि एयर कार्गो पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डिजिटल कार्गो प्लेटफॉर्म और ऑफ-एयरपोर्ट प्रोसेसिंग की पहल
उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्गो प्लेटफॉर्म्स के जरिए पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है, जबकि ऑफ-एयरपोर्ट प्रोसेसिंग व्यवस्थाएं हवाई अड्डों पर दबाव कम कर रही हैं।
वेयरहाउसिंग और ट्रांस-शिपमेंट हब बनने की दिशा में भारत
प्रधानमंत्री ने बताया कि आधुनिक वेयरहाउस बनाए जा रहे हैं, जिससे कार्गो हैंडलिंग में तेजी आएगी और भविष्य में डिलीवरी समय तथा लॉजिस्टिक्स लागत दोनों में कमी होगी। भारत एक प्रमुख और प्रतिस्पर्धी ट्रांस-शिपमेंट हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विंग्स इंडिया जैसे मंच विमानन उद्योग के लिए महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री ने कहा कि विंग्स इंडिया जैसे मंच विमानन उद्योग के सभी हितधारकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने उद्योग के नेताओं, विशेषज्ञों और निवेशकों का स्वागत किया।
विमान निर्माण, पायलट प्रशिक्षण और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी में अवसर
उन्होंने विमान निर्माण, पायलट प्रशिक्षण, एडवांस्ड एयर मोबिलिटी और एयरक्राफ्ट लीजिंग जैसे क्षेत्रों में मौजूद विशाल अवसरों को रेखांकित किया।
पिछले एक दशक में भारतीय विमानन क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन
पिछले एक दशक में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के विमानन क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन आया है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है।
हवाई यात्रा को समावेशी बनाने का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह वृद्धि सरकार की दीर्घकालिक सोच और ‘हवाई यात्रा को समावेशी बनाने’ के दृष्टिकोण का परिणाम है। 2014 में जहां 70 हवाई अड्डे थे, वहीं आज 160 से अधिक हो गए हैं।
उड़ान योजना से किफायती और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा
मोदी ने कहा कि उड़ान योजना के तहत अब तक करीब 1.5 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है और टियर-2 व टियर-3 शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा गया है।
2047 तक 400 से अधिक हवाई अड्डों की संभावना
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार कई गुना बढ़ेगा और 2047 तक 400 से अधिक हवाई अड्डे होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि सी-प्लेन संचालन के विस्तार और पर्यटन स्थलों के उन्नयन से हवाई यात्रा की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
आत्मनिर्भर भारत और घरेलू विमानन इकोसिस्टम पर जोर
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार विमान डिजाइन, निर्माण और एमआरओ इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान दे रही है।
ई-वीटीओएल और ग्रीन एविएशन फ्यूल में भारत की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में डिजाइन और निर्मित ई-वीटीओएल विमान भविष्य में विमानन क्षेत्र को नई दिशा देंगे। साथ ही भारत सतत विमानन ईंधन का प्रमुख उत्पादक और निर्यातक बनने की ओर बढ़ रहा है।
भारत की “उड़ान” में सह-पायलट बनने का निमंत्रण
प्रधानमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को भारत की इस “उड़ान” में सह-पायलट बनने का आमंत्रण दिया और विंग्स इंडिया 2026 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

















