महाराष्ट्र में महानगरपालिका चुनाव में जीत के बाद इस्लामिक कट्टरता का खुल्ला प्रचार करने वाली AIMIM की नई पार्षद सहर शेख ने अपने विवादित बयान पर माफी मांग ली है। मुंब्रा को पांच साल में हरे रंग से रंगने की बात करने वाली शेख ने पुलिस के सामने आते ही माफी मांग ली।
कौन हैं सहर शेख?
ठाणे के मुंब्रा इलाके में हाल ही में हुए ठाणे महानगरपालिका चुनाव में वार्ड नंबर 30 से AIMIM की 22 साल की युवा पार्षद सहर युनुस शेख ने जीत हासिल की। वो काफी युवा हैं और मुंबई यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्री ली है। उनके पिता के मुताबिक, सहर पहले IAS की तैयारी कर रही थीं, लेकिन NCP (शरद पवार गुट) के नेता जितेंद्र आव्हाड ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। नॉमिनेशन पेपर में उन्होंने अपना पेशा कार वॉशिंग सेंटर बताया है। मुंब्रा में युवाओं के बीच वो काफी लोकप्रिय हैं और AIMIM की नई पीढ़ी का चेहरा मानी जाती हैं।
क्या था विवाद का कारण?
चुनाव जीतने के बाद एक पार्टी बैठक में सहर शेख ने कहा, “हम मुंब्रा को हरा बना देंगे।” ये बयान तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे AIMIM का झंडा हरा होने के संदर्भ में समझा, लेकिन कुछ ने इसे भड़काऊ माना और कहा कि इससे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है। खासकर इसलिए क्योंकि मुंब्रा में पहले से ही AIMIM का काफी प्रभाव है और इलाके को “हरा” करने का मतलब कुछ लोगों ने अलग-अलग तरीके से लिया।
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किरीट सोमैया ने की थी पुलिस में शिकायत
बीजेपी के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने इस बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे हिंदुओं को धमकी देने वाला बताया और मुंब्रा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सोमैया का कहना था कि AIMIM अब नई पीढ़ी को कट्टर बनाकर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पहले मालेगांव-मानखुर्द को “हरा” करने की कोशिश हुई, अब मुंब्रा और फिर पूरी मुंबई को “हरा” बनाने की बात हो रही है। सोमैया ने ये भी कहा कि जहां बीजेपी सत्ता में है, वहां किसी के साथ भेदभाव नहीं होता – हिंदू हो या मुस्लिम, सब बराबर हैं। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार को ऐसे मुद्दों पर सख्त रहने वाला बताया।
सहर शेख ने मांगी माफी
वहीं शिकायत के बाद मुंब्रा पुलिस ने सहर शेख को दो बार बुलाया। उन्होंने बयान पर सफाई मांगी और स्थिति समझी। पुलिस ने जांच के दौरान सहर से लिखित जवाब मांगा। विवाद बढ़ने के बाद सहर शेख ने पुलिस को लिखित माफी सौंपी। इसमें उन्होंने कहा कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हरा” से उनका मतलब पार्टी का झंडा था। माफी में लिखा, “अगर मेरे भाषण से किसी को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगती हूं। हरा रंग मेरी पार्टी AIMIM का झंडा है, लेकिन मैं जिंदगी भर भारत के तिरंगे के लिए काम करूंगी और उसके लिए जीऊंगी-मरूंगी।”
AIMIM युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जा रही
किरीट सोमैया ने पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर बताया कि सहर शेख ने माफी मांग ली है और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है। सोमैया ने कहा, “वो युवा हैं, इसलिए हम माफी स्वीकार करते हैं।” लेकिन उन्होंने AIMIM पर चिंता जताई कि पार्टी नई पीढ़ी को कट्टरपंथ की ओर ले जा रही है। माफी के बाद विवाद थमता दिख रहा है और कोई आगे की बड़ी कानूनी कार्रवाई का जिक्र नहीं है।

















