महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में मुंब्रा से जीतकर पार्षद बनी सहर शेख की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सहर के अब्बा युनूस इकबाल शेख पर ठाणे जिला प्रशासन ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया है। मुंब्रा को हरे रंग से रंगने की बात कहने वाली एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की पार्षद सहर पर यह आरोप सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद ने लगाया है। ठाणे के तहसीलदार ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में यूनुस इकबाल शेख के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया और उसी के आधार पर अपनी बेटी के लिए जाति (OBC) प्रमाण पत्र हासिल किया।
यूनुस शेख के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तहसीलदार उमेश पाटिल द्वारा की गई जांच के बाद यूनुस इकबाल शेख के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है। यह जांच एनसीपी की प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार सिद्दीकी फरहा शबाब अहमद की शिकायत पर की गई। सिद्दीकी अहमद ने ठाणे के सब-डिविजनल ऑफिसर के दफ्तर में शिकायत दर्ज करा जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों को गुमराह किया गया। ठाणे के तहसीलदार के सामने हुई सुनवाई के दौरान 18 मार्च 2026 को यूनुस शेख बीमारी का हवाला देते हुए अनुपस्थित रहे, जबकि उनके वकीलों ने जाति प्रमाण पत्र की प्रिंटेड कॉपी सहित अन्य दस्तावेज जमा किए। इसके बाद 23 मार्च को हुई अगली सुनवाई में प्रमाण पत्र में पाई गई कुछ विसंगतियों को दूर किया गया।
‘फॉर्म 8’ का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि यूनुस इकबाल शेख का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का रहने वाला है। कुछ सालों बाद वे महाराष्ट्र आकर बस गए। महाराष्ट्र कास्ट सर्टिफिकेट एक्ट 2000 के अनुसार, दूसरे राज्य से आने वालों को फॉर्म 10 के तहत नया प्रमाण पत्र लेना जरूरी होता है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित ‘फॉर्म 8’ का इस्तेमाल करके अधिकारियों को गुमराह करते हुए जाति प्रमाण पत्र हासिल किया। इसी आधार पर सहर शेख ने बाद में मुंबई कलेक्ट्रेट से जाति प्रमाण पत्र प्राप्त किया और AIMIM के टिकट पर ठाणे नगर निगम चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई। शिकायत में कहा गया कि सहर शेख के परिवार के ठाणे में रहने के बावजूद प्रमाण पत्र मुंबई कलेक्टर कार्यालय से जारी हुआ। नियम के अनुसार यह ठाणे तहसील से जारी होना चाहिए था।
सभी आरोपों का जवाब दूंगा: यूनुस शेख
मीडियाकर्मियों से बात करते हुए यूनुस शेख ने शुक्रवार (17 अप्रैल) को कहा कि जाति प्रमाण पत्र से जुड़ा विवाद एआईएमआईएम के विरोधियों द्वारा खड़ा किया गया है। उन्होंने कहा कि विरोधी उनकी बेटी की राजनीतिक तरक्की को पचा नहीं पा रहे हैं और इसीलिए वे इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। यूनुस शेख ने कहा, ”दो दिन इंतजार कीजिए, मैं सभी आरोपों का करारा जवाब दूंगा। मैं अपने पक्ष को साबित करने के लिए असली दस्तावेज पेश करूंगा।” उन्होंने जोर देकर यह भी कहा कि तहसीलदार ने केवल एक रिपोर्ट दी है, प्रमाणपत्र के मुद्दे पर कोई आदेश जारी नहीं किया है।
सहर शेख कौन है?
सहर शेख AIMIM पार्टी की मुंब्रा से पार्षद है। उन्हें जनवरी 2026 में मुंब्रा इलाके के वार्ड नंबर 30 से चुना गया था। चुनाव जीतने के बाद सहर और उनके अब्बा ने शरद पवार गुट के स्थानीय विधायक जितेंद्र आव्हाड का मजाक उड़ाया था। सोशल मीडिया पर उनका वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था, जिसकी लोगों ने कड़ी आलोचना की थी।

















