जिस घर में कुछ ही हफ्तों बाद शहनाइयां बजनी थीं, वहाँ आज सन्नाटा पसरा है। जिस आंगन में खुशियों की तैयारियां चल रही थीं, वहाँ अब तिरंगे में लिपटा एक बेटा लौटने वाला है। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने रोपड़ जिले के गांव चनौली से देश की एक और अमूल्य संतान छीन ली।
23 वर्षीय जवान जोबनप्रीत सिंह, जो भारतीय सेना की 8 कैवेलरी आर्मर्ड यूनिट (4 आरआर) में तैनात थे, देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए। वह उन 10 जवानों में शामिल हैं, जिनकी जान उस समय चली गई जब सेना का वाहन भद्रवाह से खनाई टॉप की ओर जाते हुए पहाड़ी रास्ते में अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गया।
जिस वर्दी पर गर्व था, वही आख़िरी पहचान बन गई
जोबनप्रीत सिंह ने सितंबर 2019 में भारतीय सेना जॉइन की थी। कम उम्र में ही उन्होंने अपने पिता पूर्व सैनिक बलवीर सिंह की राह चुनी। पिता ने देश की सेवा की थी, अब बेटे ने उसी परंपरा को आगे बढ़ाया — लेकिन इतनी जल्दी यह परंपरा शहादत में बदल जाएगी, किसी ने सोचा नहीं था।
गांव चनौली में हर कोई जोबनप्रीत को एक शांत, अनुशासित और हमेशा मुस्कुराते जवान के रूप में याद करता है। शादी फरवरी में तय थी। घर में खरीदारी चल रही थी, रिश्तेदारों को बुलावे भेजे जा चुके थे, लेकिन नियति ने सब कुछ एक झटके में बदल दिया।
गांव में मातम, आंखों में आंसू और दिल में गर्व
जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची, पूरे नूरपुर बेदी ब्लॉक में शोक की लहर दौड़ गई। हर घर में चूल्हा बुझ गया, लोग चुपचाप जोबनप्रीत के घर की ओर चल पड़े। मां की चीखें, पिता की नम आंखें और टूटता हुआ हौसला — सब कुछ देखकर गांव वालों की आंखें भर आईं। लेकिन इस दर्द के बीच एक बात हर किसी के चेहरे पर साफ थी — गर्व। गर्व कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ। गर्व कि उसका नाम अब देश के अमर सपूतों में दर्ज हो गया।
कश्मीर की कठिन ड्यूटी और सैनिकों की रोज़मर्रा की लड़ाई
डोडा और भद्रवाह का पहाड़ी इलाका सेना के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। संकरी सड़कें, तेज ढलान, खराब मौसम और लगातार ऑपरेशनल मूवमेंट – इन सबके बीच सैनिक हर दिन अपनी जान जोखिम में डालते हैं। यह हादसा भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जहाँ देश की रक्षा करते हुए जवानों को प्रकृति की चुनौती से भी लड़ना पड़ता है।
हादसे में 7 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें सेना के अस्पतालों में इलाज दिया जा रहा है।
सीएम भगवंत मान सहित पूरे पंजाब ने दी श्रद्धांजलि
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे देश की क्षति है। उन्होंने शहीद जवानों की आत्मा की शांति और परिजनों को हौसला देने की प्रार्थना की।
सोशल मीडिया पर भी हजारों लोग जोबनप्रीत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। हर पोस्ट में एक ही बात गूंज रही है — “देश को तुम पर नाज़ है, सपूत।”
शहादत का अर्थ : एक परिवार का दर्द, एक देश का अभिमान
जोबनप्रीत सिंह की कहानी सिर्फ एक हादसे की नहीं है, बल्कि उस हज़ारों जवानों की कहानी है जो रोज़ घर से दूर, पहाड़ों, जंगलों और सरहदों पर तैनात रहते हैं ताकि देश सुरक्षित रह सके।
आज गांव चनौली रो रहा है, लेकिन भारत का हर नागरिक सिर झुकाकर सलाम कर रहा है।
शहीद जोबनप्रीत सिंह अमर रहें।
देश आपका ऋणी रहेगा।

















