नई दिल्ली । आज परम पावन दलाई लामा जी से विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग बागड़ा जी की हुबळी में भेंट हुई। यह भेंट लगभग 20 मिनट तक चली और काफी आत्मीय और पारंपरिक माहौल में सम्पन्न हुई। दोनों पक्षों ने धार्मिक और सांस्कृतिक समर्पण के महत्व पर विचार साझा किए।
रामलला की प्रतिमा और मानपत्र भेंट
विश्व हिंदू परिषद की ओर से दलाई लामा जी को रामलला की प्रतिमा भेंट की गई। इसके साथ ही स्व. श्री अशोक सिंघल जी और प. पू. सरसंघचालक जी के साथ ली गई छवि और एक मानपत्र भी प्रस्तुत किया गया। इस भेंट में भारतीय परंपरा के अनुसार शंख, पूर्ण कुंभ, माला, वस्त्र, मैसूर पगड़ी और फल अर्पित कर साधु पूजा की गई।
दलाई लामा जी की प्रतिक्रिया और संस्मरण
इस भेंट के दौरान दलाई लामा जी ने शंख दो बार बजाया और प्रस्तुत प्रतिमाओं को देखकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भारत को अपना घर बताते हुए कहा कि वे इस सम्मान और स्वागत से अभिभूत हैं। साथ ही उन्होंने कुछ संस्मरण और अनुभव भी साझा किए, जो इस भेंट को और अधिक यादगार बना गए।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भावनात्मक जुड़ाव
इस भेंट ने भारतीय संस्कृति और तिब्बती परंपरा के बीच एक विशेष सांस्कृतिक आदान-प्रदान स्थापित किया। प. पा. दलाई लामा जी ने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त किया।
















