पंजाब में एक बार फिर गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मामला सामने आया है। जालंधर के महाला गांव में सबसे पुराने और श्रद्धा के मुख्य केंद्र गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की गंभीर घटना हुई है, जिससे पूरे इलाके में तनाव और गुस्से का माहौल बन गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। परंतु उसकी पहचान नहीं बताई है। एसएसपी जालंधर ग्रामीण हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और घटना के लिए जिम्मेदार आरोपी को सफलतापूर्वक काबू कर लिया गया। एसएसपी विर्क ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है और मामले के हर पहलू की गहन जांच जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण और नियंत्रण में है। जालंधर ग्रामीण पुलिस लगातार निगरानी रखे हुए है और सांप्रदायिक सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
अकाल तखत साहिब ने की निंदा
इस मामले में श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज्ज ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने इस घटना की सख्त शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब हमारे जगत ज्योति गुरु हैं और उनके मान-सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज्ज ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब के भीतर हर समय पहरेदारी सुनिश्चित करना और गुरु घरों के प्रबंध को मजबूत व सुरक्षित बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चिंता जताई कि कई स्थानों पर गुरुद्वारा साहिबानों के प्रबंधों में अब भी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने सिख संगत से अपील की कि अपने-अपने गुरुद्वारा साहिबों में चौबीसों घंटे पहरा, कार्यरत सीसीटीवी कैमरे और बेहतर सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
क्या बोले ग्रामीण?
गांव की रहने वाली जसप्रीत कौर ने बताया कि वह शाम करीब पांच बजे गुरुद्वारा साहिब गई थीं। उस समय गुरुद्वारा साहिब के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिसके चलते वे बाहर से ही माथा टेककर घर लौट गईं। इसके लगभग एक घंटे बाद, शाम करीब छह बजे, गुरुद्वारा साहिब में बेअदबी की घटना को अंजाम दिए जाने की सूचना ग्रामीणों को फोन के माध्यम से मिली। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गांववासी गुरुद्वारा साहिब पहुंचे। बताया गया कि गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंग फाडक़र फेंके गए थे, जिससे संगत की धार्मिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।
सीसीटीवी कैमरे बंद
ग्रामीणों के अनुसार गुरुद्वारा परिसर में सीसीटीवी कैमरे तो लगाए गए हैं, लेकिन घटना के समय कोई भी कैमरा कार्यरत नहीं था, जिस पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह गुरुद्वारा साहिब गांव का सबसे पुराना धार्मिक स्थल है, लेकिन यहां किसी स्थायी ग्रंथी सिंह की नियुक्ति नहीं है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। डीएसपी फिल्लौर और एसएचओ गोराया मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है और हर पहलू से मामले की पड़ताल की जा रही है।
एडवोकेट धामी ने की बेअदबी की निंदा
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने जालंधर के गांव महला में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र अंगों को फाडक़र की गई गंभीर बेअदबी की कड़ी निंदा की है और इसे पंजाब सरकार की कानून-व्यवस्था और राज्य के प्रति उसकी जिम्मेदारी में नाकामी बताया है। एडवोकेट धामी ने कहा कि पिछले कुछ साल में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी बहुत चिंता की बात है। मौजूदा पंजाब सरकार इन्हें रोकने में नाकाम रही है और ज्यादातर घटनाओं में सामने आए दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पाई है, जो सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि जालंधर के गांव माहला में पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी सिख भावनाओं को सीधी चुनौती है। यह घटना भी किसी बड़ी साजिश का हिस्सा लगती है, क्योंकि गुरुद्वारा साहिब में लगे कैमरे भी बंद थे।
उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि सरकार बेअदबी की घटनाओं पर कोई सीरियस नोटिस नहीं ले रही है और ऐसी घटनाओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। एडवोकेट धामी ने मांग की कि इस घटना के दोषियों और इसके पीछे काम कर रही ताकतों को सामने लाया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने संगत की भावनाओं के मुताबिक कार्रवाई नहीं की तो संगत को संघर्ष करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
घटना की जानकारी के लिए जांच दल भेजा
उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलने पर शिरोमणि कमेटी ने सदस्य रणजीत सिंह काहलों के नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री मऊ साहिब और धर्म प्रचार कमेटी के अधिकारियों को भेजा है, जिन्हें हर लेवल पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा माहौल में गुरुद्वारों में निगरानी पक्का करना गुरुद्वारा कमेटियों की बड़ी ज़िम्मेदारी है। सिक्योरिटी गार्ड हर समय तैनात रहने चाहिए और जरूरत के हिसाब से कैमरों का सही इंतज़ाम किया जाना चाहिए।

















