भुवनेश्वर। ओडिशा के नवरंगपुर जिले में ईसाई मिशनरियों के झांसे में आकर कनवर्ट होने वाले तीन परिवारों के 13 सदस्यों ने हिन्दू धर्म में घर वापसी कर ली है । कनवर्ट हो चुके इन परिवारों को उनकी गलती का अहसास हुआ और वे अपने स्वधर्म में वापस लौटे । प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन 13 लोगों ने स्वधर्म में वापसी की उनमें नवरंगपुर जिले के तेंतुलिखुंटा प्रखंड के कामता और अमलाभाटा गांवों के तीन परिवार के सदस्य शामिल हैं । इन लोगों ने स्वेच्छा से हिंदू धर्म में पुनः प्रवेश किया है। यह कार्यक्रम तपोवन आश्रम में आयोजित एक धार्मिक संस्कार यज्ञ के माध्यम से संपन्न हुआ।
यज्ञ में भाग लिया और की सनातन धर्म में वापसी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कामता गांव के दिलीप कुमार गरड़ा अपने परिवार के पांच सदस्यों के साथ, जबकि अमलाभाटा गांव के गगन बिहारी गरड़ा के छह तथा प्रवीण कुमार गरड़ा के दो परिजनों ने हिंदू धर्म को अपनाया। सभी ने सपरिवार यज्ञ में भाग लिया और भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के श्रीचरणों में सनातन धर्म में वापसी की। इस अवसर पर गरड़ा समाज के मुखिया प्रह्लाद गरुड़, सुभाष हरिजन, लोकनाथ हरिजन, लक्ष्मण खुरा, दिन हरिजन और त्रिलोचन बिसोयी की उपस्थिति रही। धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक विधि-विधान का संचालन पुजारी सर्वेश्वर त्रिपाठी ने किया।

मिशनरियों के बहकावे में आकर छोड़ा था हिंदू धर्म
घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व ईसाई मिशनरियों के बहकावे व भ्रामक बातों में फंस कर उनका परिवार अपने पूर्वजों की संस्कृति से कट गया था । कनवर्ट होने के बाद परिवार अपनी संस्कृति त्योहार व परंपरा से दूर हो गया था । अपने पूर्वजों के त्याहार व परंपरा को मानने के बजाय विदेशी संस्कृति को मानना शुरु कर दिया था । इसका मलाल उन्हें था । विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बातचीत होने के बाद उन्होंने घरवापसी कर अपने पूर्वजों की संस्कृति में लौटने का निर्णय किया ।
यज्ञ और संस्कार के पश्चात पुनः धर्म अपनाने वाले सभी सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे एक आदर्श, अनुशासित और संस्कारयुक्त जीवन व्यतीत करेंगे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें स्थानीय लोगों की भी सहभागिता देखी गई। स्थानीय इलाके में कार्य करने वाले कार्य़कर्ताओं का कहना है कि विदेशों से पैसे लाकर ईसाई मिशनरी लोगों को अपने पूर्वजों के संस्कृति से काटने का प्रयास कर रहे हैं । कनवर्जन होने के कारण समाज में वैमनस्य की भावना बढती है व अनावश्यक तनाव उत्पन्न होता है। भारतीय समाज को तोडने का लक्ष्य लेकर विदेशी शक्तियां यह कार्य कर रही हैं । इसलिए आवश्यकता इस बात की है कि कनवर्जन पर सरकार पूर्ण रुप से रोक लगाये । राज्य में गैर कानूनी तरीके से कनवर्जन को रोकने के लिए कानून पहले से है लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि इस कानून का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा है । कनवर्जन को रोकने के लिए इस कानून को कडाई से लागू किया जाना चाहिए ।

















