RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- तकनीक से नहीं भागना, लेकिन गुलाम भी नहीं बनना; समाज कल्याण के लिए हो इस्तेमाल
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RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- तकनीक से नहीं भागना, लेकिन गुलाम भी नहीं बनना; समाज कल्याण के लिए हो इस्तेमाल

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने छत्रपति संभाजीनगर में युवा उद्यमियों से कहा कि तकनीक अपरिहार्य है, लेकिन उस पर निर्भरता इतनी न हो कि वो हमें नियंत्रित करे। स्वदेशी का मतलब टेक्नोलॉजी त्यागना नहीं, बल्कि समाजहित में अपनाना है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jan 19, 2026, 10:38 am IST
inभारत
RSS Chief Dr Mohan bhagwat

आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत जी ने तकनीक के इस्तेमाल को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में युवा उद्यमियों से बातचीत करते हुए कहा कि तकनीक से बचा नहीं जा सकता और अपने आप में यह बुरी नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि उस पर हमारी निर्भरता इतनी न बढ़ जाए कि वही हमें कंट्रोल करने लगे।

तकनीक समाज के भले के लिए हो

भागवत ने साफ कहा कि प्रौद्योगिकी का उपयोग समाज के कल्याण के लिए होना चाहिए, लोगों को इसका गुलाम नहीं बनना चाहिए। उनका कहना था कि आज के समय में टेक्नोलॉजी हर जगह है, लेकिन इसे सही दिशा में लगाना जरूरी है। अगर हम टेक्नोलॉजी के पीछे-पीछे चलने लगें और वो हमें कंट्रोल करने लगे, तो ये ठीक नहीं। बल्कि इंसान को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके समाज की भलाई करनी चाहिए।

स्वदेशी का मतलब टेक्नोलॉजी से दूर भागना नहीं

उन्होंने युवा उद्यमियों को समझाया कि स्वदेशी अपनाने का मतलब ये नहीं कि हम नई तकनीक को ठुकरा दें। स्वदेशी का असली मतलब है अपनी जड़ों से जुड़े रहना और साथ ही अच्छी टेक्नोलॉजी को अपनाना, लेकिन उसे समाज के हित में इस्तेमाल करना। भागवत ने कहा कि बिजनेस सिर्फ कमाई के लिए नहीं होता, बल्कि समाज की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। प्रॉफिट के साथ-साथ सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

युवाओं से अपील और संदेश

यह कार्यक्रम युवा उद्यमियों के साथ संवाद का था, जहां भागवत ने उन्हें प्रेरित किया कि टेक्नोलॉजी से बचा नहीं जा सकता, लेकिन उसका दास भी नहीं बनना है। उन्होंने जोर दिया कि टेक्नोलॉजी इंसान की सेवा में होनी चाहिए, न कि इंसान उसकी सेवा में। उदाहरण के तौर पर वो कहते हैं कि कई बार लोग फोन या सोशल मीडिया के आदी हो जाते हैं, लेकिन असल में ये टूल्स हैं जो हमें मजबूत बनाने के लिए हैं, कमजोर नहीं।

सरसंघचालक जी का पूरा फोकस इस बात पर रहा कि आधुनिक युग में टेक्नोलॉजी को सकारात्मक तरीके से अपनाएं, ताकि समाज आगे बढ़े और इंसानियत बनी रहे। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपना बिजनेस या स्टार्टअप शुरू करते वक्त समाज की जरूरतों को प्राथमिकता दें, तभी असली विकास होगा।

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कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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