कानपुर देहात में कन्वर्जन से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में संचालित ‘नवाकांती सोसाइटी’ नामक संस्था पर आरोप है कि वह पिछले कई वर्षों से गरीब, असहाय और कमजोर वर्ग के लोगों को निशाना बनाकर साजिशन मतांतरण के लिए प्रेरित कर रहे थे। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और नेटवर्क की जांच की जा रही है।
शिकायत के बाद सामने आया पूरा मामला
पूरा मामला उस वक्त सामने आया, जब राम भरोसे नामक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। राम भरोसे का कहना है कि वह करीब दस साल तक इस संस्था से जुड़ा रहा और उसे पहले ही मतांतरण के लिए प्रेरित किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संस्था की ओर से पहले लोगों को सिलाई मशीन, ब्यूटी पार्लर ट्रेनिंग, हेयर कटिंग, स्किल डेवलपमेंट जैसे प्रशिक्षण के नाम पर जोड़ा जाता था।
लालच और आर्थिक प्रलोभन देकर जोड़े जाते थे लोग
इसके बाद बैठकों के दौरान हैंडपंप, घरेलू उपकरण, रोजगार और आर्थिक सहायता का लालच दिया जाता था। कुछ लोगों को दूसरों को जोड़ने पर 6,000 प्रति महीने तक देने का प्रलोभन भी दिया गया।
बैठकों का बदला स्वरूप और बाइबल पाठ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित परिवारों का आरोप है कि धीरे-धीरे बैठकों का स्वरूप बदल गया। सामान्य बातचीत के बाद बाइबल पाठ, प्रार्थना और धार्मिक शपथ कराई जाने लगी। कुछ बैठकों में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी की बात भी सामने आई है।
मतांतरण से इनकार करने पर धमकियां
पीड़ितों का कहना है कि जब उन्होंने मतांतरण से इनकार किया, तो उन्हें धमकियां दी गईं और पैसे वापस करने का दबाव बनाया गया। दबाव से परेशान होकर पुलिस से शिकायत की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डेनियल शरद सिंह, हरिओम त्यागी और सावित्री शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी स्किल डेवलपमेंट सेंटर और विभिन्न क्लबों के जरिए लोगों को जोड़ते थे और धीरे-धीरे उन्हें कन्वर्जन की ओर ले जाया जाता था।
एसआईटी गठित, बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। एसआईटी गठित कर बैंक खातों, दस्तावेजों, साहित्य और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।
सौजन्य – विश्व संवाद केंद्र

















