वाराणसी। दालमंडी सड़क चौड़ीकरण परियोजना ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। सोमवार को लंगड़ा हाफिज मस्जिद परिसर में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए चिन्हित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। खास बात यह रही कि प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच आपसी सहमति बनने के बाद मस्जिद कमेटी ने स्वयं अपने मजदूरों के माध्यम से प्रभावित निर्माण को हटाने का निर्णय लिया।
प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन समिति के बीच बनी सहमति
इससे पहले प्रशासन ने परियोजना के तहत प्रभावित हिस्से को लाल निशान लगाकर चिन्हित किया था। इसके बाद कई दौर की बातचीत हुई और सहमति बनने पर ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू कराया गया।
इन मस्जिदों के प्रभावित हिस्से भी स्वेच्छा से हटाए जा चुके हैं
दालमंडी सड़क चौड़ीकरण में इससे पूर्व करीमुल्ला बेग मस्जिद, निसारन मस्जिद, अली रजा खान मस्जिद, संगमरमर मस्जिद और रंगीले शाह मस्जिद की प्रबंधन समितियां भी सड़क चौड़ीकरण की जद में आए हिस्सों को स्वेच्छा से हटवा चुकी हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है परियोजना का कार्य
लोक निर्माण विभाग के अनुसार परियोजना से प्रभावित धार्मिक स्थलों और व्यापारियों के साथ संवाद और आपसी सहमति के आधार पर कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल तैनात है और ड्रोन के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी माह के अंत तक शुरू हो सकता है सड़क निर्माण कार्य
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता के.के. सिंह के मुताबिक, यदि कार्य तय समय पर चलता रहा तो इसी माह के अंत तक सड़क निर्माण का काम शुरू हो सकता है। फिलहाल ध्वस्तीकरण के साथ मलबा हटाने का कार्य तेजी से जारी है।
परियोजना के तहत 187 भवन प्रभावित, 17.4 मीटर चौड़ी होगी सड़क
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत कुल 187 भवन प्रभावित हैं। योजना के अनुसार सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जबकि दोनों ओर 3.2-3.2 मीटर चौड़े फुटपाथ बनाए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और जाम की समस्या से लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।












