जर्मनी में बर्लिन में चार दिनों तक ब्लैकआउट, लेफ्टविंग की शैतानी सोच से हिला जर्मनी
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

जर्मनी में बर्लिन में चार दिनों तक ब्लैकआउट, लेफ्टविंग की शैतानी सोच से हिला जर्मनी

बर्लिन में माइनस 12 डिग्री ठंड के बीच 45 हजार घरों की बिजली गुल, अस्पताल, ट्रांसपोर्ट ठप, एक महिला की मौत और मेयर पर गंभीर सवाल- पूरी घटना ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया की चुप्पी पर बहस छेड़ दी।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by Shivam Dixit
Jan 8, 2026, 06:12 pm IST
in विश्व

जर्मनी में पिछले कई दिनों से बर्लिन में अंधेरा छाया रहा। अंधेरा भी किसी प्राकृतिक कारणों से नहीं है, अपितु यह अंधेरा मानव द्वारा निर्मित था। जहां तापमान इस समय -120 है, तो ऐसी चिलचिलाती ठंड में बर्लिन में चार दिनों तक बिजली नहीं रही। ऐसा क्यों हुआ, यह जानना और भी रोचक है और साथ ही यह भी जानना रोचक है कि इतने बड़े संकट की कोई भी खबर अंतर्राष्ट्रीय मीडिया में नहीं रही।

क्या हुआ था बर्लिन में.?

जर्मनी के बर्लिन में शनिवार को अचानक से ही लगभग 45000 घरों में अंधेरा छा गया। बिजली चली गई और इससे केवल घर और परिवार ही नहीं, बल्कि अस्पताल और व्यापारिक संस्थान तक प्रभावित हुए। दक्षिण – पश्चिम जर्मनी में सार्वजनिक यातायात का भी नेटवर्क रुक गया।

मगर ऐसा हुआ क्यों था और किसने किया था? दरअसल यह सब किया था लेफ्टविंग के अराजक चरमपंथियों ने, और उन्होनें इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। वाल्कैनो ग्रुप नामक एक वाम चरमपंथी समूह ने इतनी ठंड में इस कारण से ठंड में लोगों को ठिठुरने के लिए मजबूर कर दिया, क्योंकि वह “सत्ता में बैठे लोगों को अक्ल सिखाना चाहता था” और जर्मनी द्वारा जीवाश्म ईंधन पर अत्यधिक निर्भरता का विरोध करना चाहता था।

और इस कारण उसने सरकार को सबक सिखाने के लिए बर्लिन में बिजली संयंत्र पर हमला करके आग लगा दी और हजारों लोगों के लिए असुविधा खड़ी कर दी। मगर क्या यह केवल असुविधा थी? यह प्रश्न उठता ही है क्योंकि जिस समय वहाँ पर तापमान शून्य से 12 डिग्री नीचे है, तो ऐसे में बिजली के जाने से क्या होगा, यह सहज समझ जा सकता है।

इसके अतिरिक्त अस्पताल भी हैं, और अस्पताल में भी बिजली चली गई और लाइफ सपोर्ट सिस्टम आदि सब कुछ ठप्प हो गए। लोगों ने बहुत कठिनाई से दिन काटे। वहाँ पर पाइप में पानी जम गया और साथ ही हीट पम्पस के भी फटने का डर पैदा हो गया था; सीवेज का पानी घरों में भर गया था।

मेयर इस सूचना के बाद टेनिस खेलने चले गए : लोगों ने कहा इस्तीफा दो

फर्स्टपोस्ट के अनुसार बर्लिन के मेयर काई वेनगर के इस्तीफे की मांग की जा रही है। क्योंकि जिस समय शहर के हजारों परिवार अंधेरे में बैठे हुए थे और बिजली संयत्र पर हमला करके उसे जला दिया गया था, और सर्दियों में आम लोग ठिठुर रहे थे, ट उसे समय वेगनेर अपनी साथी कैथरीना के साथ टेनिस खेलने के लिए चले गए थे, जो बर्लिन की शीर्ष शिक्षा अधिकारी हैं।

इसे लेकर मेयर ने पहले कहा था कि वे टेनिस खेलने गए थे, मगर बाद में अपना बयान बदल दिया था। हालांकि इसे लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है। दक्षिण पंथी एएफडी ने भी इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि कोई भी संकट के समय में अपना आराम देखता है तो वह गलत स्थान पर है। वेगनेर, आप इस मैच से हाथ धो बैठे हैं।“

बुधवार को बिजली वापस आने से पहले एक महिला की मौत

बुधवार को हालांकि प्रभावित इलाके में बिजली आ गई, परंतु उससे पहले ही अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि प्रभावित क्षेत्र में एक महिला की मौत हो गई है। हालांकि इसे लेकर स्पष्ट नहीं है कि यह मौत किस कारण हुई थी।

सोशल मीडिया पर गुस्सा फूटा

इस पूरी घटना का सोशल मीडिया पर काफी विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि बर्लिन में  हुए इतने बड़े हमले को लेकर मीडिया का रवैया दोहरा रहा है। चूंकि यह हमला वाम चरमपंथी ने किया था, इसलिए मीडिया ने इसे बहुत ही कम दिखाया, यदि दक्षिणपंथी दल ने कुछ भी किया होता तो उसे आतंकवाद का नाम दे दिया जाता, मगर इतनी बड़ी घटना के बाद भी वाम चरमपंथियों के इस आतंक को विस्तार से नहीं बताया गया। कितनी समस्याएं हुईं, और कितने लोग पीड़ित हुए, यह सब नहीं लिखा गया।

बिजली वापस आने के बाद आम लोगों का गुस्सा फुट पड़ा है। लोगों का कहना है कि आखिर ये कैसे हुआ कि पाँच दिनों तक बिजली चली जाए और सरकार को कुछ पता ही न चले।

गार्डीअन के अनुसार लोगों ने शिकायत की है कि आखिर इस शहर के साथ समस्या क्या है क्योंकि कई लोग इतने दिन काम नहीं कर पाए और जिसके कारण उन्हें पैसे भी नहीं मिल पाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पहले ही सिस्टम में खामियों के विषय में बताया जा चुका था। महत्वपूर्ण संरचनाओं पर काम करने वाले स्वतंत्र समूह एजी कृटिस के एक संस्थापक मानुएल अतुग ने कहा कि उनके संस्थान ने कई बार इस सिस्टम की कमियों के बारे में आगाह किया था। और यह कहा था कि बिजली, पानी या साइबर कुछ भी रहा हो, ये इतनी सक्षम नहीं है कि वे बड़े हमले झेल सकें, इसलिए इनकी रक्षा की योजना बनाई जानी चाहिए।

 

Topics: left wing extremist attack BerlinBerlin electricity crisisGermany energy failureLeft wing extremismBerlin BlackoutGermany Power CrisisBerlin Mayor ControversyEurope Energy SecurityBerlin power outageGermany blackout news
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Chhattisgarh Naxalites

वामपंथी नक्सलवाद जड़ से उखड़ा, लेकिन शहरी नक्सली अभी भी सक्रिय

कंधमाल में 10 माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला

31 मार्च 2026 : खत्म हो जाएगा नक्सलवाद! जानिए ‘लाल गलियारे’ के अंत की कहानी

Iran US War

पश्चिम एशिया संघर्ष से उभरती भारत के आंतरिक सुरक्षा की चुनौतियाँ

Anti Naxal Operation in Chhattisgarh

नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम प्रहार: जनवरी 2026 में जोरदार कार्रवाई, मार्च तक नक्सल मुक्त भारत का लक्ष्य

छत्तीसगढ़ : नक्सलियों का सरेंडर! नारायणपुर में Naxalites 11 ने डाले हथियार

Load More

ताज़ा समाचार

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

India on PoJK Pakistan Human Rights Violations External Affairs Ministry New Delhi Global Community

पीओजेके को लेकर भारत सख्त, कहा- ‘PoJK में कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’

International Court Credibility ICJ ICC Bias Debate Global Justice System National Sovereignty Marco Rubio

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी जवाबदेही से ऊपर हैं? अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर छिड़ी बड़ी बहस!

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Fatwa Against Aamir Khan Third Marriage Gauri Spratt Darul Ifta Chief Mufti Islamic Shariat

“आमिर खान की तीसरी शादी नाजायज और हराम” : मुस्लिम पर्सनल के शाही मौलाना ने जारी किया फतवा

BRICS Trade Union Forum Conference Hyderabad Bhartiya Mazdoor Sangh BMS Labor Policy Global Representatives

BRICS Trade Union Forum: हैदराबाद में भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में जुटें वैश्विक प्रतिनिधि, श्रमिकों पर होगी महाचर्चा

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू

“जो खून बहा, वह पंजाब का था…” रवनीत सिंह बिट्टू की अकाल तख्त के जत्थेदार से बड़ी अपील!

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies